एनएसयूआई जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने पर वरिष्ठ नेतृत्व का जताया आभार, पराग गाबा और दिव्यांशु बुद्धिराजा के संगठन विस्तार के प्रयासों की जमकर सराहना
करनाल विजय काम्बोज |।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के जिला अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने पर नवनीत रंधावा ने कांग्रेस नेतृत्व, वरिष्ठ नेताओं एवं संगठन के सभी साथियों का तहे दिल से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं की आवाज़ को मजबूती से उठाने, उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करने और संगठन को नई ऊर्जा देने का संकल्प है।
नवनीत रंधावा ने विशेष रूप से प्रभारी श्री संजय दत्त जी, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री राव नरेंद्र सिंह जी, सीएलपी लीडर एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा जी, लोकसभा सांसद भाई दीपेंद्र सिंह हुड्डा जी, जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) करनाल के अध्यक्ष भाई पराग गाबा जी, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी भाई दिव्यांशु बुद्धिराजा जी, एनएसयूआई हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष श्री अविनाश यादव जी तथा भाई पंकज गाबा जी का हृदय की गहराइयों से धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि इन सभी वरिष्ठ नेताओं ने जिस विश्वास के साथ उनके सिर पर हाथ रखा और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया, वह उनके लिए बेहद भावुक और गौरवपूर्ण क्षण है। “आप सभी का आशीर्वाद और विश्वास मेरे लिए किसी भी पद से कहीं अधिक बड़ा है। आपने मुझ जैसे युवा कार्यकर्ता पर जो भरोसा जताया है, उसे मैं जीवनभर अपने दिल में संजोकर रखूंगा और इस विश्वास को अपनी मेहनत, संघर्ष और ईमानदारी से मजबूत करने का प्रयास करूंगा।”
जमीनी कार्यकर्ताओं को पहचानना और जिम्मेदारी देना संगठन की असली ताकत
नवनीत रंधावा ने भाई पराग गाबा जी और भाई दिव्यांशु बुद्धिराजा जी की संगठन को मजबूत करने की दिशा में निभाई जा रही भूमिका की विशेष रूप से सराहना करते हुए कहा कि दोनों नेताओं की कार्यशैली और संगठन विस्तार के लिए उनका जमीनी प्रयास बेहद सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि संगठन केवल पदों से नहीं, बल्कि उन समर्पित कार्यकर्ताओं से मजबूत होता है जो वर्षों से बिना किसी स्वार्थ के कांग्रेस की विचारधारा और संगठन के लिए जमीन पर मेहनत करते हैं। भाई पराग गाबा जी और भाई दिव्यांशु बुद्धिराजा जी जिस तरह ऐसे समर्पित और कर्मठ कार्यकर्ताओं को पहचानकर उन्हें संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंप रहे हैं, वह निश्चित रूप से संगठन को नई मजबूती और नई ऊर्जा देने वाला सराहनीय कदम है।
उन्होंने कहा कि करनाल में संगठन को बूथ और जमीनी स्तर तक मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं को चुन-चुनकर जिम्मेदारियां देना, उनकी मेहनत और निष्ठा को सम्मान देना तथा उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना संगठन के प्रति दोनों नेताओं की दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। इससे न केवल कांग्रेस संगठन को मजबूती मिलेगी, बल्कि वर्षों से पार्टी के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं के भीतर भी सम्मान, विश्वास और नई ऊर्जा का संचार होगा।
नवनीत रंधावा ने कहा कि जब संगठन की बागडोर मेहनती और समर्पित कार्यकर्ताओं के हाथों में पहुंचती है, तो संगठन केवल मजबूत नहीं होता, बल्कि जमीन पर उसकी जड़ें और गहरी होती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि पराग गाबा जी और दिव्यांशु बुद्धिराजा जी के नेतृत्व में करनाल में संगठन विस्तार की यह मुहिम आने वाले समय में कांग्रेस को और अधिक मजबूत आधार प्रदान करेगी।
नवनीत रंधावा ने कहा कि एनएसयूआई ने हमेशा छात्रों के अधिकारों, शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। जिला अध्यक्ष के रूप में उनकी प्राथमिकता रहेगी कि करनाल के हर कॉलेज, विश्वविद्यालय और शिक्षण संस्थान के छात्र की आवाज़ संगठन तक पहुंचे और हर जायज़ मुद्दे को मजबूती से उठाया जाए।
उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल भविष्य नहीं, बल्कि देश की वर्तमान ताकत और आने वाले भारत की नींव है। इसलिए छात्रों के साथ होने वाली किसी भी समस्या को अनदेखा नहीं किया जाएगा। संगठन को कॉलेज स्तर से लेकर जमीनी स्तर तक मजबूत किया जाएगा और अधिक से अधिक युवाओं को एनएसयूआई के साथ जोड़कर उन्हें नेतृत्व का अवसर दिया जाएगा।
नवनीत रंधावा ने कहा कि वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व के मार्गदर्शन और साथी कार्यकर्ताओं के सहयोग से संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने एनएसयूआई के प्रत्येक कार्यकर्ता और छात्र-युवा साथी का भी धन्यवाद करते हुए कहा कि यह जिम्मेदारी उनकी अकेली नहीं, बल्कि हर उस युवा की जिम्मेदारी है जो शिक्षा, रोजगार, सम्मान और बेहतर भविष्य की उम्मीद रखता है।
अंत में नवनीत रंधावा ने कहा, “मेरे लिए यह सम्मान नहीं, जिम्मेदारी है; यह पद नहीं, छात्रों के संघर्ष की आवाज़ बनने का अवसर है। मैं अपने वरिष्ठ नेताओं के विश्वास और साथियों के सहयोग को अपनी ताकत बनाकर पूरी ईमानदारी से छात्र हितों के लिए संघर्ष करता रहूंगा।”









