NCR में अब सालभर चलेगा प्रदूषण के खिलाफ अभियान

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सर्दियों की पाबंदियों तक सीमित नहीं रहेगा एक्शन, एयरशेड आधारित रणनीति से होगा प्रदूषण नियंत्रण
चंडीगढ़ विजय कांबोज।। दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण के खिलाफ कार्रवाई अब केवल सर्दियों में लागू होने वाली पाबंदियों तक सीमित नहीं रहेगी। पूरे साल एयरशेड आधारित रणनीति के तहत प्रदूषण के स्रोतों पर कार्रवाई की जाएगी। राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और साझा डेटा के आधार पर वायु गुणवत्ता सुधारने की योजना तैयार की गई है।
‘इंटरनेशनल डे ऑफ क्लीन एयर फॉर ब्लू स्काईज’ के अवसर पर 7 सितंबर को नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में ‘क्लीन एयर डायलॉग्स’ के पांचवें संस्करण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली और हरियाणा सहित NCR से जुड़े प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के अधिकारियों, नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं और नागरिक संगठनों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का विषय ‘साल भर की कार्रवाई से साफ आसमान: प्रगति का मूल्यांकन और गति बनाए रखना’ रहा।
बैठक में पिछले एक साल में प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए गए प्रयासों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने कहा कि औद्योगिक ईंधन को स्वच्छ ईंधन में बदलना, निर्माण स्थलों की धूल पर नियंत्रण, खुले में कचरा जलाने पर रोक तथा सार्वजनिक परिवहन को स्वच्छ साधनों में बदलने जैसे उपाय पूरे साल जारी रहने चाहिए।
पराली को बनाया जा रहा आर्थिक संसाधन
बैठक में हरियाणा में धान की पराली के उपयोग को लेकर किए जा रहे प्रयासों की भी चर्चा हुई। पराली को कचरा मानने के बजाय उसका इस्तेमाल उद्योगों में ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जा रहा है। इससे प्रदूषण कम करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने और ईंधन आयात पर निर्भरता घटाने में मदद मिल रही है।
हरियाणा में 440 ई-बसें चलाने की तैयारी
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) और राहगिरी फाउंडेशन के बीच कार्यक्रम के दौरान MoU पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत हरियाणा के NCR जिलों में वायु प्रदूषण नियंत्रण, टिकाऊ शहरी परिवहन और सड़क विकास के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) स्थापित की जाएगी।
PMU पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए बेहतर सड़क ढांचा, स्वच्छ वायु क्षेत्र, इलेक्ट्रिक बस रूट की बेहतर योजना, सड़क की धूल पर नियंत्रण और निर्माण सामग्री के पुन: उपयोग जैसे कार्यों में तकनीकी सहायता देगी।
दिल्ली में करीब 3,000 किलोमीटर सड़कों को बेहतर बनाने और इस वर्ष 3,000 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने की योजना है। वहीं हरियाणा के NCR जिलों में वर्ष 2026 में करीब 440 इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने की तैयारी है।
NCR को एक साझा एयरशेड मानकर काम
CAQM के सदस्य सचिव तरुण कुमार पिथोड़े ने कहा कि NCR में वायु प्रदूषण किसी एक क्षेत्र की समस्या नहीं है। इसे एक साझा एयरशेड मानकर राज्यों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य पूरे साल लगातार और सत्यापित अनुपालन सुनिश्चित करना है, जिसमें साझा डेटा और समान मापदंडों का इस्तेमाल हो।
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के अध्यक्ष विजय कुमार बिधूड़ी ने कहा कि वाहनों और निर्माण कार्यों से होने वाला प्रदूषण दिल्ली के प्रमुख स्थानीय स्रोत हैं। इन पर नियंत्रण के लिए पूरे साल कार्रवाई की जा रही है।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष विनय प्रताप सिंह ने कहा कि NCR जिलों पर औद्योगिक और कृषि गतिविधियों का दबाव है, लेकिन पराली को ऊर्जा उत्पादन से जोड़कर इसे आर्थिक गतिविधि में बदला जा रहा है।
कार्यक्रम में इस बात पर भी चर्चा हुई कि अलग-अलग शहरों में सफल प्रदूषण नियंत्रण मॉडल को NCR के अन्य क्षेत्रों में लागू किया जाए तथा साझा डेटा और समान प्रवर्तन मापदंडों को रोजमर्रा की व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाए।