इंद्री विजय काम्बोज |। उच्चतर शिक्षा विभाग, हरियाणा के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत 30 जुलाई को प्रदेशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में एक साथ 1.11 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इसी कड़ी में शहीद ऊधम सिंह राजकीय महाविद्यालय, मटक माजरी (इंद्री) को 250 पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। महाविद्यालय प्रशासन ने अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
पौधारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए पिछले कई दिनों से महाविद्यालय परिसर में व्यापक स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। विद्यार्थियों और स्टाफ के सहयोग से पौधे लगाने के लिए गड्ढे खोदे गए हैं तथा विभिन्न प्रजातियों के पौधे नर्सरी से लाकर सुरक्षित रखे गए हैं।
राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों ने परिसर की सफाई, पौधारोपण स्थलों की तैयारी और गड्ढे खोदने का कार्य किया, जबकि राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट्स ने पौधारोपण स्थलों का चयन, लाइन मार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्रीन इंस्टीट्यूट कमेटी, एनएसएस, एनसीसी और महाविद्यालय के समस्त स्टाफ ने मिलकर इस अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप दिया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. महेंद्र सिंह बागी ने कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम” केवल पौधारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति, मातृत्व और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। यदि प्रत्येक विद्यार्थी एक पौधे को वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य स्वतः पूरा हो जाएगा। उन्होंने सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों से पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का भी आह्वान किया।
अभियान की तैयारियों में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. बाल ऋषि, डॉ. कुलदीप, डॉ. रीना, ग्रीन इंस्टीट्यूट कमेटी के संयोजक डॉ. सुरेश कुमार तथा एनसीसी अधिकारी कैप्टन रणबीर सिंह ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
इस दौरान एनसीसी कैडेट आयुष, अरुण, सनी, जशन, खुशी, लविशा और प्रतिष्ठा सहित अनेक स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. रमेश कुमार, प्रो. राजकुमार, प्रो. अनिल कुमारी और डॉ. सविता सहित महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापक भी उपस्थित रहे।
महाविद्यालय परिवार ने विश्वास जताया कि 30 जुलाई को होने वाला पौधारोपण अभियान पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पौधारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए पिछले कई दिनों से महाविद्यालय परिसर में व्यापक स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। विद्यार्थियों और स्टाफ के सहयोग से पौधे लगाने के लिए गड्ढे खोदे गए हैं तथा विभिन्न प्रजातियों के पौधे नर्सरी से लाकर सुरक्षित रखे गए हैं।
राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों ने परिसर की सफाई, पौधारोपण स्थलों की तैयारी और गड्ढे खोदने का कार्य किया, जबकि राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट्स ने पौधारोपण स्थलों का चयन, लाइन मार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्रीन इंस्टीट्यूट कमेटी, एनएसएस, एनसीसी और महाविद्यालय के समस्त स्टाफ ने मिलकर इस अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप दिया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. महेंद्र सिंह बागी ने कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम” केवल पौधारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति, मातृत्व और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। यदि प्रत्येक विद्यार्थी एक पौधे को वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य स्वतः पूरा हो जाएगा। उन्होंने सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों से पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का भी आह्वान किया।
अभियान की तैयारियों में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. बाल ऋषि, डॉ. कुलदीप, डॉ. रीना, ग्रीन इंस्टीट्यूट कमेटी के संयोजक डॉ. सुरेश कुमार तथा एनसीसी अधिकारी कैप्टन रणबीर सिंह ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
इस दौरान एनसीसी कैडेट आयुष, अरुण, सनी, जशन, खुशी, लविशा और प्रतिष्ठा सहित अनेक स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. रमेश कुमार, प्रो. राजकुमार, प्रो. अनिल कुमारी और डॉ. सविता सहित महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापक भी उपस्थित रहे।
महाविद्यालय परिवार ने विश्वास जताया कि 30 जुलाई को होने वाला पौधारोपण अभियान पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।









