एसआईआर के तहत 24 जुलाई तक अपना गणना प्रपत्र भरकर बीएलओ को अवश्य जमा कराएं: उपायुक्त

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अपील- राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी करें सहयोग

मतदाता सूची का 31 जुलाई को प्रारंभिक प्रकाशन होगा

करनाल । जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त डॉ आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के तहत 24 जुलाई तक प्राप्त गणना प्रपत्रों के आधार पर तैयार मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 31 जुलाई को होगा। इसमें केवल उन्हीं मतदाताओं के नाम शामिल किए जाएंगे, जिन्होंने गणना प्रपत्र भरकर अपने बी.एल.ओ. को वापस दिया है या ऑनलाइन जमा किया है।

उपायुक्त सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने आज फिर दोहराया कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के तहत किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से काटा नहीं जा रहा है। बल्कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण किया जा रहा है। पात्र मतदाता भ्रांतियों से दूर रहें, बल्कि 24 जुलाई तक संबंधित बीएलओ को अपना गणना प्रपत्र भरकर वापिस अवश्य जमा कराएं। इस कार्य के लिए राजनीतिक दलों के बीएलए भी मतदाताओं को जागरूक करें और उनके फार्म भरवाकर जल्द से जल्द बीएलओ को दें।
उन्होंने बताया कि एसआईआर अभियान के तहत गैर हाजिर, स्थानांतरित और मृत मतदाताओं की सूची 24 जुलाई तक बूथ वार तैयार करके निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों द्वारा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा की जाएगी। इसके अलावा पंचायत भवन, शहरी स्थानीय निकाय कार्यालयों व खंड विकास पंचायत कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर भी प्रदर्शित की जाएगी। आम जनता की आसान पहुंच के लिए इस सूची को मुख्य निर्वाचन अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइटों पर भी अपलोड किया जाएगा ताकि आमजन भी इसे चेक कर सकें।
उपायुक्त ने आगे बताया कि जिन मतदाताओं की वर्ष 2002 की मतदाता सूची के साथ मैपिंग नहीं हो पाई है, वे चल रहे सर्वे के दौरान भी अपनी मैपिंग करवा सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे मतदाता जिनका नाम प्रारंभिक मतदाता सूची 2026 में तो शामिल है, लेकिन वर्ष 2002 की मतदाता सूची से मैपिंग न होने या किसी लॉजिकल एरर के कारण सही मैपिंग नहीं हो सकी है, उन सभी मतदाताओं को संबंधित ईआरओ द्वारा नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिस प्राप्त होने पर मतदाता अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ 31 जुलाई से 28 सितंबर 2026 तक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपने फॉर्म का सत्यापन करवा सकते हैं।
्र उन्होंने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 31 जुलाई को किया जाएगा। दावे और आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि 31 जुलाई से 30 अगस्त तक रहेगी, जबकि दावे और आपत्तियों का निपटान 31 जुलाई से 28 सितंबर, 2026 तक किया जाएगा। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 3 अक्टूबर, 2026 को होगा। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई मतदाता ई.आर.ओ. के निर्णय से असंतुष्ट है, तो वह जिलाधीश के समक्ष अपील कर सकता है। जिलाधीश के निर्णय के विरुद्ध मुख्य निर्वाचन अधिकारी को अपील कर सकता है। यदि किसी कारणवश किसी मतदाता का नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाता है, तो निराश होने की आवश्यकता नहीं है। निरन्तर अद्यतन प्रक्रिया के दौरान या नया नाम जोड़ने के लिए फॉर्म 6 (नव घोषणा पत्र के साथ) भरकर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करवाया जा सकता है। वोटर कार्ड में किसी भी प्रकार की शुद्धि/सुधार करवाने के लिए फॉर्म नंबर 8 (नव घोषणा पत्र के साथ) भरकर जमा किया जा सकता है।
उपायुक्त ने अपील की कि मतदाता समय सीमा का ध्यान रखते हुए अपनी मतदाता सूची से संबंधित विवरणों की जांच अवश्य कर लें और आवश्यकतानुसार सुधार व सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करें।
बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि अब तक सभी विधानसभाओं के अनुसार जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुए है, उनकी बूथ वाइज सूची साझा की जाए ताकि बीएलए मतदाताओं को जागरूक करके निर्धारित तिथि 24 जुलाई तक बीएलओ को फार्म जमा करवाने में सहयोग दे सकें।
इस अवसर पर भाजपा से अशोक सुखीजा, कांग्रेस जोगिंद्र वाल्मीकि व आनंद चौहान, सीपीआई के जगमाल, आईएनएलडी से सुरजीत व राजेश कुमार, बीएसपी से रामपाल तथा उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं नगराधीश सुरेश कुमार व चुनाव तहसीलदार सुदेश राणा मौजूद रहीें।