वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ही होगा अंधविश्वासों का उन्मूलन: अरुण कैहरबा

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अंधविश्वास बनाम वैज्ञानिक दृष्टिकोण विषय पर सेमिनार आयोजित
रेशनलिस्ट सोसायटी हरियाणा के आयोजन में प्रदेश भर से पहुंचे कार्यकर्ता
करनाल विजय कांबोज ||
स्थानीय रोड़ भवन के सभागार में रेशनलिस्ट सोसायटी हरियाणा अंधविश्वास बनाम वैज्ञानिक दृष्टिकोण विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में सोसासटी के विभिन्न जिला इकाइयों के 50 से अधिक सदस्यों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता मास्टर बलजीत सिंह ने की एवं संचालन प्रदेश महासचिव राजेश बिन्द्रा ने किया। मुख्य वक्ता के रूप में हिंदी प्राध्यापक एवं लेखक अरुण कैहरबा ने हर घटना को कार्य- कारण संबंध की कसौटी पर परखने एवं अपने विवेक अनुसार निर्णय लेने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अंधविश्वास के फलने-फूलने में हमारा पारिवारिक एवं सामाजिक ढ़ांचा जिम्मेदार है। परिवारों में बच्चों की सवाल पूछने की प्रवृत्ति को दबाया जाता है। समाज में जात-पात, ऊंच-नीच, परंपराएं और रीति-रिवाज अंधविश्वास को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक दबाव के कारण शैक्षिक संस्थाओं में विज्ञान शिक्षण के बावजूद वैज्ञानिक सोच का अपेक्षित विकास नहीं हो रहा है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ाकर ही अंधविश्वासों का उन्मूलन किया जा सकता है।
प्रसिद्ध लेखक डॉ. अशोक भाटिया ने अपने वक्तव्य में अंधविश्वासों और पाखंडों के संस्थागत होने पर चिंता प्रकट की। उन्होंने कहा कि समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण व विवेकशीलता के विकास में शब्दों की अहम भूमिका है। तर्कशीलता को बढ़ावा देने वाले कार्यकर्ताओं को अपने अनुभवों को संजोने की जरूरत है, जिसमें चीजों की आसान शब्दों में तार्किक व्याख्या हो। उन्होंने अपनी किताब- अंधविश्वास: रोग और इलाज से विवेकहीनता को प्रकट करने वाली लघुकथाएं सुनाई। उन्होंने मासिक पत्रिका प्रेरणा अंशु के ताजा अंक विमोचन करवाया। स्नेकमैन हरियाणा के नाम से प्रसिद्ध सतीश फफड़ाना ने साँपों से बचाव एवं काटने उपरांत इलाज के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी। सेमिनार में एडवोकेट बलबीर सिंह, ईश्वर सफीदों, अनुपम सिंह, राजेश राजौंद, बलदेव मेहरोक ने भी भाग लिया। अपने अध्यक्षीय भाषण में मास्टर बलजीत सिंह ने संस्था को अकादमिक एवं सांगठनिक रूप से मजबूत करने पर बल दिया। अजय आशु व रेयांश कुंडू ने पुस्तक प्रदर्शनी लगाई जिसमें सदस्यों ने काफी रुचि दिखाई।
डॉ. रंजन जिला प्रधान और ऋषिपाल सचिव बने-
सेमिनार के बाद मास्टर बलजीत सिंह के की अध्यक्षता में द्विमासिक सांगठनिक बैठक में जिला करनाल की इकाई का गठन भी किया गया, जिसमें डॉ रंजन को प्रधान, साधु राम को उप प्रधान, ऋषिपाल को सचिव, प्रमोद कुमार को कोषाध्यक्ष, जयदेव को प्रचार सचिव चुना गया। अगली जनरल मीटिंग एवं सेमिनार 18 अक्तूबर को जींद में प्रस्तावित है।