एक साल की जिम्मेदारी… और संगठन के नाम समर्पित सफर

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सफर लंबा है, रास्ते मुश्किल हैं, लेकिन विश्वास अटूट है।
करनाल विजय कांबोज । जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) करनाल के जिला अध्यक्ष पराग गाबा के कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होना केवल एक जिम्मेदारी के एक वर्ष पूरे होने का अवसर नहीं, बल्कि जनता की आवाज़, संगठन के प्रति निष्ठा और संघर्ष के प्रति समर्पण से भरी एक यात्रा का पड़ाव है।
एक वर्ष पहले मिली जिम्मेदारी को पराग गाबा ने केवल पद के रूप में नहीं, बल्कि जनता के बीच रहने, उनकी समस्याओं को सुनने और उनके हक़ की आवाज़ को मजबूती से उठाने के संकल्प के रूप में निभाने का प्रयास किया। इस दौरान संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ विपक्ष की भूमिका को भी पूरी सक्रियता और जिम्मेदारी के साथ सामने रखा।
इस एक वर्ष में 88 प्रेस कॉन्फ्रेंस, 131 धरना-प्रदर्शन और 139 जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से जनहित के मुद्दों को लगातार उठाया गया। शहर की स्थानीय समस्याओं से लेकर आमजन की परेशानियों तक, उनकी आवाज़ को मंच देने और संबंधित मुद्दों को मजबूती से सामने रखने का प्रयास जारी रहा।
जनता की आवाज़ बनी सबसे बड़ी जिम्मेदारी
पराग गाबा के कार्यकाल की पहचान केवल कार्यक्रमों की संख्या नहीं, बल्कि उनके पीछे दिखाई देने वाला जनसरोकार रहा। जहाँ लोगों को अपनी बात रखने के लिए किसी मजबूत आवाज़ की जरूरत महसूस हुई, वहाँ कांग्रेस संगठन ने उनकी आवाज़ को आगे बढ़ाने का प्रयास किया।
विपक्ष की भूमिका को उन्होंने केवल विरोध तक सीमित न रखते हुए सवाल पूछने, व्यवस्था से जवाब मांगने और जनता के मुद्दों पर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने की जिम्मेदारी के रूप में निभाया।
संगठन के स्तर पर भी उनका प्रयास रहा कि हर कार्यकर्ता को सम्मान मिले और कोई भी साथी खुद को संगठन से अलग महसूस न करे। वरिष्ठ नेताओं से लेकर जमीनी कार्यकर्ताओं तक सभी को साथ लेकर चलना और संगठन को एक परिवार की भावना से मजबूत करना उनकी प्राथमिकताओं में रहा।
पराग गाबा का कहना है कि पद आज है, कल किसी और के पास होगा, लेकिन संगठन के लिए किए गए कर्म और जनता के लिए उठाई गई आवाज़ हमेशा याद रहती है। इसी विश्वास के साथ उन्होंने इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और समर्पण से निभाने का प्रयास किया।
इस एक वर्ष के सफर में उनके लिए सबसे बड़ी संतुष्टि यही रही कि वे अपने साथियों के सुख-दुख में उनके बीच खड़े रहे और संगठन की मजबूती के लिए लगातार प्रयास करते रहे। उन्होंने इस संघर्ष में साथ देने वाले सभी वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का हृदय से आभार व्यक्त किया।
आने वाला रास्ता भले ही लंबा हो और चुनौतियाँ कितनी भी हों, विश्वास अटूट है और संगठन के प्रति समर्पण पहले की तरह कायम है। जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने, कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने और संगठन को नई मजबूती देने का प्रयास आगे भी जारी रहेगा।