सरकार और व्यवस्था से निराश हो चुके हैं देश के युवा
निराशा के आलम में आत्म हत्या करने वाले युवाओं की संख्या बढ़ी
करनाल|| प्रदेश के जाने माने अधिवक्ता तथा करनाल से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके उत्तर हकिरयाणा के हितों को लेकर संघर्ष की शुरूआत करने वालों में से प्रमुख नेता राजकुमार शर्मा ऐडवोकेट ने कहा कि आज देश में युवाओं और छात्रों का व्यवस्था आसैर सरकार से भरोसा उठता जा रहा हैं। जिस तरह से नीट के साथ अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं। बेरोजगारों की संख्या बढ़ती जा रही हैं। उसके रहते प्रधान नैतिक जिम्मेदारी तय करें । उन्होंने कहा कि एचआरडी मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने दायित्व को निभाने में पूरी तरह से विफल रहे हैं। प्रधानमंत्री उनको अविलंब हटाएं। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य सडक़ों पर हैं। जिस तरह से शिक्षा मंत्री धमेंंद्र प्रधान के त्यागपत्र की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठी चार्ज करना शर्मनाक हैं।सरकार को इनसे बातचीत करना चाहिए। उन्होंने बताया कि भारत युवाओं के बल पर ही विश्व गुरु बन सकता हैं। यदि देश का भविष्य ही निराश हो गया तो देश में क्या बचेगा। एडवोकेट राजकुमार शर्मा ने बताया कि लोकतंत्र में हर एक को प्रदर्शन् या अपनी बात कहने का अधिकार हैं। सरकारें जनता के द्वारा ही चुनी जाती हैं। सरकार में बैठे लोगों को निरंकुश होना लोकतंत्र के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देश में इस समय 18 करोड़ शिक्षित युवा बेराजगार हैं। आए दिन पेपर लीक हो रहे है। युवा और छात्र निराश होकर आत्म हत्या कर रहे ळैं। आत्म हत्या करने वालों में युवाओं काबड़ा हाथ हैं। सरकार ने यदि युवाओं पर ध्यान नहीं दिया तो देश के लिए खतरा बढता जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि पेपर लीक होंगे। पेपरों में नकल होगी तो मेहनत करने वालों का क्या होगा। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की।









