इंद्री विजय कांबोज ।। इंद्री की अनाज मंडी में धान की आवक शुरू हो गई है। हरियाणा के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के किसान भी अपनी धान की फसल लेकर मंडी पहुंचने लगे हैं। हालांकि इस बार किसानों के चेहरों पर फसल की कम पैदावार और बढ़ती लागत की चिंता साफ दिखाई दे रही है। किसानों का कहना है कि अधिक बारिश, खेतों में जलभराव और धान की फसल में पत्ता लपेट बीमारी के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है। ऐसे में उन्हें इस सीजन में आर्थिक नुकसान होने की आशंका सता रही है।
किसानों के अनुसार, इस बार धान की फसल की शुरुआत से ही मौसम ने परेशान किया। अधिक बारिश के कारण कई क्षेत्रों में खेतों में पानी भर गया, जिससे फसल को नुकसान पहुंचा। कई किसानों के खेतों में लंबे समय तक जलभराव रहने के कारण पौधों की वृद्धि प्रभावित हुई। किसानों को उम्मीद थी कि मौसम में सुधार होने के बाद बची हुई फसल अच्छी पैदावार देगी, लेकिन फसल पकने से पहले पत्ता लपेट बीमारी ने उनकी चिंता और बढ़ा दी।
किसान गौरव ने बताया कि इस बार अधिक बारिश और जलभराव के कारण कई किसानों की फसल को काफी नुकसान हुआ है। कुछ खेतों में कई एकड़ फसल प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि पहले ही किसान मौसम की मार झेल रहे थे और अब बीमारी के कारण बची हुई फसल पर भी असर पड़ रहा है। इससे किसानों की उत्पादन लागत निकलना भी मुश्किल हो सकता है।
वहीं किसान राजेश ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार धान की पैदावार में कमी दिखाई दे रही है। किसानों ने फसल तैयार करने में बीज, खाद, दवाइयों, सिंचाई और मजदूरी पर पहले से अधिक खर्च किया है। इसके बावजूद यदि उत्पादन कम रहता है तो किसानों के लिए लागत निकालना चुनौती बन जाएगा। उन्होंने कहा कि बीमारी और मौसम की दोहरी मार ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है।









