करनाल जिले के आर्य समाजों के प्रतिनिधियों ने रामपाल द्वारा फैलाए जा रहे पाखंड और अज्ञानता के खिलाफ भरी हुंकार

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आर्य समाज की तरफ से बड़ा आंदोलन चलाने की बात कहकर सरकार से कार्रवाई की मांग

करनाल ।
आर्य केंद्रीय सभा करनाल की ओर से सेक्टर-6 स्थित आर्य समाज में आर्य समाजों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता गुरुकुल कालवा, जींद के आचार्य राजेंद्र ने की। इसमें आर्य समाज के उत्थान, वेद प्रचार और भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने रामपाल पर पाखंड और अज्ञानता फैलाने तथा महापुरुषों और सनातन धर्म के प्रति आपत्तिजनक बातें कहने का आरोप लगाते हुए सरकार से कार्रवाई की मांग की।

बैठक में आर्य केंद्रीय सभा के अध्यक्ष प्रोफेसर आनंद सिंह आर्य, वेद विद्या गुरुकुलम के आचार्य संदीपन, आर्य समाज घरौंडा के उपप्रधान आर्य दिलबाग लाठर और आर्य केंद्रीय सभा के महामंत्री स्वतंत्र कुकरेजा ने विचार रखे। आचार्य राजेंद्र ने कहा कि वर्तमान समय में पाखंडवाद का बोलबाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जेल से जमानत पर बाहर आकर फिर पाखंड फैलाने का काम करते हैं। उन्होंने रामपाल का नाम लेते हुए कहा कि वह अपने कर्मों की सजा जेल में भुगत रहा है और जमानत के लिए अदालत में गुहार लगाता है, लेकिन बाहर आने के बाद महापुरुषों का अपमान करता है। इसे सहन नहीं किया जाएगा।

प्रोफेसर आनंद सिंह आर्य ने कहा कि कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए अज्ञानता फैलाने का काम कर रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। स्वतंत्र कुकरेजा ने आरोप लगाया कि रामपाल लोगों को भ्रमित कर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीरामचंद्र, योगीराज श्रीकृष्ण, भगवान शिव और महर्षि दयानंद सरस्वती पर कीचड़ उछालकर सनातन धर्म को ठेस पहुंचा रहा है। उन्होंने सख्त कार्रवाई की मांग की।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर होर्डिंग को लेकर भी उठाई आवाज

आर्य दिलबाग लाठर ने कहा कि रामपाल के चेले सोशल मीडिया पर जहर घोलने का काम कर रहे हैं और यह सब सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इनके खिलाफ आंदोलन चलाया जाए। इस अवसर पर आर्य दिलबाग लाठर ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगाए गए रामपाल के होर्डिंग का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर शहरों की दूरी बताने वाले होर्डिंग लगाए जाने चाहिए, न कि किसी व्यक्ति के प्रचार से जुड़े बोर्ड।

बैठक में मास्टर जयप्रकाश आर्य, सतनारायण आर्य, सोमेश शास्त्री, मुन्ना शास्त्री, सुनील आर्य, राजेंद्र, अमित आर्य, सुरेंद्र सिंह आर्य और रामकुमार आर्य सहित बड़ी संख्या में आर्य समाज से जुड़े लोग मौजूद रहे और उन्होंने अपने विचार रखे।