आज से शुरू होगा घर-घर जाकर हाउस लिस्टिंग का कार्य, आमजन गणना कर्मियों का करे सहयोग, दे सटीक और नवीनतम जानकारी: एडीसी

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आमजन किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए हेल्पलाइन नम्बर 1855 पर करें सम्पर्क
एडीसी डॉ राहुल रईया ने ली जनगणना कार्य को लेकर बैठक, निगरानी करने के दिए निर्देश
करनाल विजय काम्बोज | । एडीसी डॉ राहुल रईया ने कहा कि भारत सरकार द्वारा शुक्रवार 1 मई से 30 मई तक देशव्यापी जनगणना कार्य संचालित किया जाएगा। इस दौरान प्रशासन द्वारा अधिकृत प्रगणक घर-घर पहुंचकर नागरिकों से हाउस लिस्टिंग की आवश्यक सामान्य जानकारी प्राप्त करेंगे। अधिकारी सुनिश्चित करें कि कोई भी क्षेत्र या मकान छूटना नहीं चाहिए। यह कार्य पूरी जिम्मेदारी के साथ किया जाए। पहले दिन से ही इसकी निगरानी की जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
एडीसी डॉ राहुल रईया वीरवार को लघु सचिवालय के सभागार में जनगणना कार्य की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। इससे पहले चंडीगढ़ से जनगणना विभाग के निदेशक द्वारा सभी जिला उपायुक्तों को एक मई से शुरू होने वाले मकान सूचीकरण कार्य को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए। बैठक में एडीसी ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसमें सभी संबंधित विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें। स्व-गणना के चरण के बाद अब घर-घर जाकर गणना का कार्य किया जाएगा, जिसकी समय सीमा 30 मई तक निर्धारित है।
उन्होंने जिला सांख्यिकी अधिकारी को निर्देश दिए कि वे ऑडियो संदेश चलवाकर आमजन को जागरूक करें। इसी प्रकार सिनेमा घरों में भी जागरूकता वीडियो चलाई जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले का कोई भी क्षेत्र जनगणना से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए नियमित निगरानी और सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों से लगातार संपर्क बनाए रखें और समस्याओं का तुरंत समाधान करें। फिल्ड में कार्यरत कर्मचारी को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर जिला सांख्यिकी अधिकारी कार्यालय में बने कंट्रोल रूम में 0184—2265386 पर संपर्क कर सकते है। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिए गए कि ड्यूटी पर तैनात किसी भी कर्मचारी को हीट स्टॉक या किसी भी अन्य प्रकार की दिक्कत होने पर प्राथमिकता के आधार पर उनका इलाज सुनिश्चित किया जाए।
नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी पूरी तरह रखी जाएगी गोपनीय
एडीसी ने स्पष्ट किया कि नागरिकों द्वारा दी गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसे किसी भी व्यक्ति या संस्था के साथ साझा नहीं किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि जनगणना कार्य में पूर्ण सहयोग प्रदान करें तथा जानकारी देते समय सजग रहें। अधिकारियों द्वारा आधार कार्ड नंबर, पैन कार्ड नंबर, बैंक खाता विवरण या किसी भी प्रकार की ओटीपी की जानकारी नहीं पूछी जाएगी। साथ ही नागरिकों से कहा कि जानकारी देने से पहले संबंधित अधिकारी का परिचय पत्र अवश्य जांच लें। प्रशासन द्वारा जनगणना कार्य को सफल बनाने हेतु सभी नागरिकों से सहभागिता एवं सहयोग की अपेक्षा है।
असहयोग करने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई
एडीसी ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय दायित्व है। इसी के आधार पर देश के विकास की नीतियां और संसाधनों का वितरण तय होता है। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य में लगे अधिकारी/कर्मचारी अपनी ड्यूटी का निर्वहन कर्तव्यनिष्ठा एवं ईमानदारी से करे। लापरवाही बरतने वालो के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। लापरवाही बरतने वालो पर सेंसेस एक्ट 1948 के तहत एफआईआर तक दर्ज करवाई जाएगी।
एडीसी ने बताया कि जनगणना 2027 से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए आमजन राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन 1855 पर सम्पर्क कर सकते है। इस टोल फ्री हेल्पलाईन के माध्यम से अपने गृह पंजीकरण और आवास जनगणना कार्यों से संबंधित किसी भी प्रश्न का उत्तर अपनी भाषा में प्राप्त कर सकते हैं।
जनगणना के दौरान पूछे जाएंगे ये 33 सवाल
भवन नंबर या जनगणना नंबर, मकान नंबर, मकान के फर्श में इस्तेमाल प्रमुख सामग्री, (यानी कि फर्श सीमेंट का है, ग्रेनाइट है, मार्बल है), मकान की दीवार में इस्तेमाल सामग्री, मकान की छत में इस्तेमाल सामग्री, मकान का इस्तेमाल, मकान की हालत, परिवार क्रमांक, परिवार के सदस्यों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, परिवार के मुखिया का लिंग, जाति, (सामान्य, अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी), मकान के स्वामित्व की स्थिति, मकान में कमरों की संख्या, विवाहित दंपतियों की संख्या, पेयजल का सोर्स, पेयजल की उपलब्धता, बिजली का सोर्स, शौचालय की उपलब्धत, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी, स्नानघर की उपलब्धता, गैस कनेक्शन, खाना पकाने का मुख्य ईंधन, रेडियो/ट्रांजिस्टर / टीवी, इंटरनेट की सुविधा, लैपटॉप /कंप्यूटर, टेलीफोन/मोबाइल/स्मार्ट फोन, साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल, कार/ जीप / वैन, मुख्य अनाज तथा मोबाइल नंबर।