25 साल के कार्यकाल के बाद मा. महिन्द्र खेड़ा हुए सेवानिवृत्त

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विभिन्न गांवों में आयोजित समारोह में अधिकारियों व ग्रामीणों ने उन्हें किया सम्मानित
इन्द्री विजय काम्बोज || स्थानीय राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक पाठशाला में प्राथमिक शिक्षक महिन्द्र खेड़ा अपने 25 साल से अधिक के सेवा काल के बाद सेवानिवृत्त हो गए। उनके सम्मान में उनके अपने स्कूल, बीआरसी कार्यालय, गांव नन्हेड़ा के राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक पाठशाला व माध्यमिक स्कूल में समारोह आयोजित किए गए। बीआरसी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी राजपाल चौधरी, उप जिला शिक्षा अधिकारी एवं डीपीसी धर्मपाल चौधरी, डीएसपी सतीश गौतम, बीईओ डॉ. गुरनाम मंढ़ाण, पीएमश्री राजकीय स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. करनैल चंद व उनके शिक्षक मा. धर्मराज गांधी सहित अनेक अधिकारियों, अध्यापकों व अध्यापक संगठनों ने उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा व एबीआरसी शैलजा गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में महिन्द्र खेड़ा की पत्नी उषा खेड़ा, उनका बेटा व दिल्ली में पुस्तकालय अध्यक्ष समृद्ध सौरव, बड़ा भाई सुरेश कुमार, वेद प्रकाश, विनोद कुमार सहित परिवार के अनेक सदस्यों ने शिरकत की। गांव नन्हेड़ा स्थित सरकारी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल प्रभारी जसविन्द्र कौर ने की। कार्यक्रम का संयोजन अध्यापक संजीव कुमार, प्राथमिक पाठशाला प्रभारी उधम सिंह व सुनील सिवाच ने किया। कार्यक्रम में गांव के सरपंच शशि कांबोज, पूर्व सरपंच बलिन्द्र कांबोज, नरेन्द्र कुमार, कीर्ति सहित अनेक ग्रामीणों ने शिरकत की। समारोह में अध्यापक संघ के प्रधान देवेन्द्र कांबोज, मान सिंह चंदेल, धर्मवीर लठवाल, जगदीश चन्द्र, संजीव कुमार, जितेन्द्र, सुमन बाला, जयकौर, पुनीत, सुरेश, शमशेर, बीआरपी डॉ. रविन्द्र शिल्पी, कविता, धर्मेन्द्र सहित अनेक अध्यापकों ने उन्हें सम्मानित किया।
इस मौके पर बोलते हुए पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी राजपाल चौधरी ने कहा कि महिन्द्र खेड़ा का लक्ष्य बच्चों को एक अच्छे इन्सान के रूप में विकसित करना रहा। इसी उद्देश्य से उन्होंने स्कूल सौंदर्यीकरण, अभिभावकों व समुदाय के साथ कार्य किया। उप जिला शिक्षा अधिकारी धर्मपाल चौधरी ने कहा कि महिन्द्र खेड़ा का अध्यापक के रूप में कार्य एक मिसाल है। उन्होंने स्कूल, बच्चों के चहुंमुखी विकास के लिए कार्य किया।