करनाल विजय काम्बोज । उप-सिविल सर्जन (टीबी) डॉ सिम्मी कपूर ने बताया कि सिविल सर्जन डॉ पूनम चौधरी के मार्गदर्शन में आईएमए प्रेसिडेंट डॉ दीपक प्रकाश ने वीरवार को सेक्टर-13 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के 40 टी0बी0 के मरीजों को गोद लिया तथा उन्हें पोषण सामग्री वितरित की।
उन्होंने बताया कि इस समय जिला में टीबी के 2700 मरीजों का इलाज चल रहा है जिनको गोद लेकर प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ वितरित किये जाने हैं जिसके लिए समाजसेवी संस्थाओं से अपील है कि वह इस मुहीम में अपना योगदान दें ताकि टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को पूरा किया जा सके।
उप-सिविल सर्जन (टीबी) ने अपील की कि यदि किसी व्यक्ति में टीबी के लक्षण पाए जाते हैं तो वह नजदीक स्वास्थ्य केन्द्र पर जाकर जांच व इलाज करवाएं । सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी से संबंधित जांच व इलाज मुफ्त में किया जाता है। इसके लिए मरीजों को जागरूक करना बहुत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा टीबी को नोटिफाइबल डिजीज घोषित किया गया है, जिसके अंतर्गत सभी प्राइवेट अस्पतालों/क्लीनिक एवं लैब को टीबी के केसिज को रिपोर्ट करना आवश्यक है। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग करनाल से डॉ नीरू वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, डॉ क्रांति चिकित्सा अधिकारी, डा0 पुनीत डैन्टल सर्जन व अन्य स्टाफ मौजूद थे।
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ नीरू ने बताया कि टी.बी. एक संक्रामक रोग है जो शरीर के किसी भी अंग में हो सकती है। मगर मुख्यत: यह फेफड़ों को प्रभावित करती है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने-छींकने एवं थूकने से फैलती है। यदि समय पर जांच एवं ईलाज शुरू न किया जाये तो एक टीबी का मरीज 10-15 व्यक्तियों को टीबी की बीमारी दे सकता है। भारत सरकार द्वारा टीबी उन्मूलन के लिए वर्ष 2025 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है व उनके द्वारा टीबी मरीजों के लिए प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ की महत्ता को भी बताया गया।
उन्होंने बताया कि जिला में नौ क्षय रोग केन्द्र हैं तथा 23 जगह बलगम के जांच केन्द्र हैं जहां पर मरीजों के बलगम की निशुल्क जांच की जाती है। भारत सरकार द्वारा निक्षय पोषण योजना के अन्तर्गत टीबी मरीजों को पोषण हेतु एक हजार रुपये प्रति माह देने का प्रावधान किया गया है। एनटीईपी के अन्तर्गत नये टीबी मरीजों की सूचना देने तथा उनकी बलगम की जांच करवाने उपरान्त टीबी पाये जाने पर सूचना देने वाले को पांच सौ रुपये प्रति मरीज देने का प्रावधान है ।









