जिला स्तरीय नार्को समन्वय (एनकॉर्ड) बैठक का आयोजन
नशे को जड़ से खत्म करने के लिए सभी विभाग आपसी तालमेल से करें कार्य।
करनाल विजय काम्बोज । एडीसी सोनू भट्ट ने कहा कि नशे जैसी बुराई सामाजिक बुराई की जागरूकता के लिए पैसे की नही, साफ नियत की जरूरत है अगर साफ नियत से कार्य करेंगे तो अपने जिले को जल्द नशा मुक्त बनाने में सफल होंगे और युवा पीढ़ी के भविष्य को संवारने में कामयाब होगें। उन्होंने कहा कि नशा एक सामाजिक बुराई है। इससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। नशे पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सभी विभाग आपसी तालमेल और तत्परता के साथ नशे को जड़ से खत्म करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान में बढ़-चढक़र सहयोग करें।
एडीसी सोनू भट्ट बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिला स्तरीय नार्को समन्वय (एनकॉर्ड) की बैठक में अधिकारियों को दिशा निर्देश दे रहे थे। बैठक में एडीसी सोनू भट्ट ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत ड्रग को रोकना, नशा तस्करों पर कड़ी नजर रखना तथा आम लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करना मुख्य कार्य है। शपथ दिलाना एक सांकेतिक गतिविधि है लेकिन आम जनता को जागरूक करने के लिए नियमित रूप से गतिविधियां विभिन्न विभागों की ओर से आयोजित करवाई जाए। इसमें अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए कर्तव्य निष्ठा एवं ईमानदारी से कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि नशे से सर्वाधिक प्रभावित गांवों में विभिन्न स्तरों पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाए। इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे बच्चों को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए स्टोरी बेस्ड थीम पर आधारित जागरूकता गतिविधियों का संचालन किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग व ड्रग कंट्रोल अधिकारी को निर्देश दिए गए कि वे नशीली दवाएं बेचने वाले मेडिकल स्टोरों पर कड़ी निगरानी रखने और समय-समय पर नशीली दवाओं के क्रय-विक्रय के डेटा की जांच भी करें।
उन्होंने जिला शिक्षा विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि स्कूलों और कॉलेजों के 200 मीटर के दायरे में कोई सिगरेट, तंबाकू, गुटखा आदि नशीले पदार्थों की दुकानें न हों। यदि कोई दुकानदार इस प्रकार के नशीले पदार्थ बेचता पाया जाता है, तो तुरंत पुलिस को सूचित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। बैठक में डीईओ सुदेश ठकराल ने बताया कि स्कूलों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए है जो समय-समय पर बच्चों के स्कूल बैग की चेकिंग करवाते है। इसके अलावा प्रार्थना सभा में नशे की रोकथाम को लेकर बच्चों को जागरूक किया जाता है तथा समय-समय पर पोस्टर मेकिंग इत्यादी प्रतियोगिताओं का भी आयोजन करवाया जाता है। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए बनाई टीमों का निरंतर मार्गदर्शन करे। इसके साथ ही नशा बेचने वालो की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाही की जाए।
बैठक में डीसीओ विकास राठी ने बताया कि अगस्त माह में 76 मेडिकल स्टोर की चेकिंग की गई जिनमें से रिकॉर्ड का सही रखरखाव नहीं पाए जाने पर 24 को नोटिस जारी किया गया तथा 19 के लाइसेंस सस्पेंड किए गए और एक मेडिकल स्टोर का लाइसेंस कैंसिल किया गया। इसी प्रकार से जिला न्यायवादी ने डा. पंकज सैनी बताया कि इस माह एनडीपीएस एक्ट से जुड़े 29 केसों का निपटारा किया गया है। इनमें 17 केसों में दोषी पाए जाने पर एनडीपीएस एक्ट के तहत सजा सुना दी गई व 9 केसों सबूत न होने पर आपराधिक मामला समाप्त कर दिया गया है।
बैठक में कृषि विभाग के उपनिदेशक डा. वजीर सिंह ने बताया कि खेतों, नहरों के किनारों व हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के खाली प्लाटों में बांग के पौधों को उखाड़ने का कार्य किया जा रहा है। लेकिन इस कार्य में सिंचाई विभाग व हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का सहयोग जरूरी है। ताकि हर क्षेत्र से बांग के पौधों को समूल नष्ट किया जा सकें। एडीसी सोनू भट्ट ने जिला समाज कल्याण विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत डीडीपीओ के सहयोग से गांव स्तर पर इस अभियान के लिए लोगों को जागरूक किया जाए ताकि अभियान के तहत अधिक से अधिक जन भागीदारी सुनिश्चित हो सके। बैठक में जिला समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधि प्रिंस ने बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगांठ बनाई जा रही है जिसके तहत जिला के सभी सरकारी/गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों व पंचायतों में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
नशा रोकने के लिए आगे आएं आमजन, मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 पर दें जानकारी : सोनू भट्ट
एडीसी सोनू भट्ट ने कहा कि नशा मुक्त भारत 2047 अभियान के तहत केंद्र सरकार द्वारा नशीली दवाओं के दुरुपयोग और नार्कोटिक्स तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन -1933 की शुरुआत की गई है। यह हेल्पलाइन नंबर 24&7 सक्रिय रहेगा और नागरिकों को किसी भी समय नशीली दवाओं से संबंधित अपराधों की जानकारी साझा करने की सुविधा देगा। नशे से संबंधित सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, जिससे लोग बिना किसी डर या संकोच के नशीली दवाओं के अवैध व्यापार से जुड़ी जानकारी साझा कर सकें।
उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी प्रकार की नशीली दवाओं के व्यापार, तस्करी की जानकारी हो, तो वे गृह मंत्रालय द्वारा नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 पर तुरंत सूचित करें।









