माननीय मनोहर लाल, केन्द्रीय मंत्री की सोच को आधुनिक पुस्तकालय को जमीन पर उतारने की पहल

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माननीय मनोहर लाल, केन्द्रीय मंत्री की सोच को आधुनिक पुस्तकालय को जमीन पर उतारने की पहल
करनाल लोकसभा में आदर्श पुस्तकालय का संचालन
नयी पीढ़ी को नयी किताबें उपलब्ध कराने का मंच बना प्रकृति महोत्सव
करनाल मंडल के सभी जिलों के सर्वसमाज में गूंजा प्रकृति रक्षा का स्वर
हरियाणा के सभी इको क्लब ऑनलाईन माध्यम से बने हिस्सा

करनाल विजय काम्बोज ||

माननीय मनोहर लाल, केन्द्रीय मंत्री की आधुनिक पुस्तकालय को जमीन पर उतारने की पहल पर माननीय मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में श्री शत्रुजीत कपूर के संयोजन में करनाल लोकसभा में आदर्श पुस्तकालय का संचालन हो रहा हैं। करनाल जिले में बिजली कंपनियों की तरफ  से काछवा, ब्याना, गोदर, समानाबाहु, बड़ागांव, कैमला, सिवाह, भोडवाल मांजरी दाडौला में  पुस्तकालय का संचालन हो रहा है वही पुलिस विभाग द्वारा  पुलिस लाईन करनाल, नेवल, हरियाणा पुलिस अकादमी मधुवन, पुलिस लाईन पानीपत में पुस्तकालय का लाभ विद्यार्थी ले रहे हैं। करनाल लोकसभा में आदर्श पुस्तकालय का संचालन किया जा रहा है। आयोजित प्रकृति महोत्सव से न सिर्फ नये पुस्तकालयों में समकालीन रचनाकारों को साहित्य को रखा जा रहा है बल्कि पुराने पुस्तकालय भी प्रकृति महोत्सव से संबर्द्धित हो रहे हैं।
करनाल मंडल मंे प्रत्येक दिन गूंजा प्रकृति रक्षा का स्वर
शत्रुजीत कपूर की प्रेरणा से हरियाणा पुलिस की पहल पर एन डी आर आई के समन्वय में एन डी आर आई प्रेक्षागृह में 18 से 24 अगस्त तक प्रकृति महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव के दौरान प्रत्येक दिन समकालीन समस्याओं को आधार में रखकर विमर्श एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यार्थियों को प्रेरित करने के लिए पर्यावरण शिक्षा संबंधी किताबों को पुरस्कार स्वरूप वितरित किया गया। प्रत्येक दिन प्रकृति संरक्षण थीम पर  चित्रकला, वाद विवाद प्रतियोगिता, कहानी, कविता प्रस्तुति के माध्यम के विद्यार्थियों को प्राकृतिक आपदाओं के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया। दूसरी तरफ प्रकृति संरक्षण, महिला सशक्तिकरण एवं सड़क हादसे जैसे समस्याओं से निजात पाने के लिए विमर्श के माध्यम से विचार विमर्श किया गया। प्रकृति महोत्सव के सात दिन में करनाल, पानीपत, कुरूक्षेत्र, कैथल जिलों से  विद्यार्थियों एवं नागरिकों की 10 हजार से ज्यादा लोगों की भागीदारी रही। इसके अतिरिक्त हरियाणा के सभी इको क्लब ऑनलाईन माध्यम से विमर्श में हिस्सेदारी किये। प्रकृति महोत्सव में प्राथमिक विद्यालय से लेकर विश्वविद्यालय तक के प्रत्येक आयु समूह के विद्यार्थी प्रकृति महोत्सव का हिस्सा बने।
दर्जनों प्रकाशकों के माध्यम से 1 लाख से अधिक शीर्षकों की किताबें प्रकृति महोत्सव में हुई प्रदर्शित
प्रकृति महोत्सव में देश के प्रतिष्ठित दर्जनों प्रकाशकों की हिस्सेदारी से करीब 2 लाख से ज्यादा शीर्षकों के साहित्य को रूबरू होने का अवसर मिला। इस महोत्सव में 10 लाख रूपये से ज्यादा किताबों को विभिन्न कालेज के पुस्तकालयाध्यक्ष द्वारा पुस्तकालयों के लिए खरीदी गई।