इग्नू से साथ-साथ करें स्नातक और डिप्लोमा की पढ़ाई पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग एवं आईटीआई के छात्रों के लिए सुनहरा अवसर
करनाल ( सीमा देवी ) इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के क्षेत्रीय निदेशक डॉ धर्म पाल ने बताया की इग्नू ने जुलाई 2025 सत्र के लिए सर्टिफिकेट कार्यक्रमों को छोड़कर डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर डिप्लोमा एवं स्नातकोत्तर डिग्री कार्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2025 तक बढ़ा दी है। यह उन विद्यार्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर है । जो किसी कारणवश अब तक प्रवेश नहीं ले सके हैं और उच्च शिक्षा प्राप्त करने की इच्छा रखते हैं।
उन्होंने बताया कि इग्नू का क्षेत्रीय केंद्र करनाल (हरियाणा) राज्य के 16 जिलों में फैले 32 अध्ययन केंद्रों के माध्यम से हरियाणा के विद्यार्थियों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं लचीली शिक्षा प्रदान कर रहा है। यह अध्ययन केंद्र ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में कार्यरत हैं, इग्नू की ओपन एवं डिस्टेंस लर्निंग प्रणाली के अंतर्गत विद्यार्थी अपने घर के आस-पास रहकर ही पढ़ाई पूरी कर सकते हैं और परीक्षाएं भी नजदीकी परीक्षा केंद्रों पर दे सकते हैं। इग्नू लगभग 350 से अधिक कार्यक्रम संचालित करता है, जिनमें डिप्लोमा, यूजी, पीजी एवं पीजी डिप्लोमा कार्यक्रम शामिल हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में अपने ज्ञान, योग्यता एवं कौशल का विकास कर सकते हैं। इग्नू की मुख्य विशेषताएँ विद्यार्थी अपनी पढ़ाई अपने घर के पास रहकर ही पूरी कर सकते हैं। परीक्षा केंद्र एवं अध्ययन केंद्र पूरे भारत में उपलब्ध हैं। स्थानांतरण की स्थिति में भी क्षेत्रीय केंद्र अथवा अध्ययन केंद्र बदला जा सकता है, जिससे पढ़ाई बाधित नहीं होती। इग्नू की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बेहद किफायती शुल्क पर उपलब्ध है।
डॉ धर्म पाल ने बताया कि इग्नू उन विद्यार्थियों के लिए एक अच्छा प्लेटफार्म है जो पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग या आईटीआई जैसे तकनीकी कोर्स कर रहे हैं और साथ-साथ स्नातक या डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी करना चाहते हैं। पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग एवं आईटीआई के छात्रों के लिए सुनहरा अवसर है ,वे इग्नू से साथ-साथ स्नातक और डिप्लोमा की पढ़ाई भी कर सकते है। इग्नू की ओपन और डिस्टेंस लर्निंग प्रणाली विद्यार्थियों को यह सुविधा देती है कि वे अपने समय के अनुसार पढ़ाई करें, जिससे नियमित तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ वे इग्नू की दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से उच्च शिक्षा भी प्राप्त कर सकें। इच्छुक छात्र बी.ए.एम., बी.कॉम.एफ., बी.एससी.एम. जैसे स्नातक कोर्सों में दाखिला ले सकते है। ऐसा करने से तकनीकी शिक्षा ले रहे छात्रों को दो-दो क्षेत्रों में भविष्य की संभावनाएं और दो विषयों का ज्ञान प्राप्त होगा।









