वंचित अनुसूचित समाज ने मनाया एतिहासिक स्मृति दिवस

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करनाल, 18 अगस्त (विजय कम्बोज ) : हरियाणा प्रदेश में वंचित अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण में वर्गीकरण लागू हुए एक वर्ष होने पर डी.एस.सी. (वंचित अनुसूचित जाति) एकता मंच की ओर से इंद्री की अनाज मंडी में लड्डू बांटकर खुशी का इजहार किया गया। मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं तालाब व अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण हरियाणा के सदस्य तेजिंद्र सिंह तेजी ने कहा कि 16 अगस्त 2024 को जनआशीर्वाद रैली में इंद्री पहुंचे सी.एम. नायब सिंह सैनी ने डी.एस.सी. समाज के लिए आरक्षण वर्गीकरण लागू करने की घोषणा की थी। इसलिए हर वर्ष इस दिवस को स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस मांग को लेकर डी.एस.सी. समाज के लोग 18 वर्ष से आवाज उठा रहे थे। रैली के दिन वंचित अनुसूचित जातियों के सैकड़ों लोग समौरा गांव में एकत्रित हुए थे। इस गांव का बच्चा शक्ति सिंह झंडा उठाकर रैली के आगे चला और सभी पैदल चलकर रैलीस्थल पर पहुंचे थे। शक्ति सिंह ने अपनी गुल्लक के पैसों से पैन खरीदकर मंच पर विराजमान मुख्यमंत्री नायब सैनी को दिया और अपील की थी कि इस पैन से उनका भविष्य लिख दें। बच्चे की बात से सी.एम. प्रभावित हुए और उन्होंने तब घोषणा की थी कि सरकार बनते ही पहली कलम से यह काम करेंगे। सरकार बनते ही मुख्यमंत्री सैनी ने पहली कलम से ही डी.एस.सी. समाज के लिए आरक्षण में वर्गीकरण लागू कर दिया। जिसका लाभ प्रदेश की 42 वंचित अनुसूचित जातियों को सीधे तौर पर मिलना शुरू हो गया है।
            तेजी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल ने शिक्षा में आरक्षण देकर इस वंचित समाज को मुख्यधारा से जोडऩे का काम किया था। मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता कर्मबीर लाठर ने केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल व सी.एम नायब सिंह सैनी का आभार जताया। इस मौके पर पूर्व कस्टम अधिकारी रामकंवर वाल्मीकि, मदन सिंह सौढी, राममूर्ति सिरसवाल, मुकेश रानी, इन्द्री भाजपा मंडल महामंत्री बालक राम, सूरज कुमार, शक्ति सिंह, धनंजय सिंह, अमर सिंह फौजी, शिवम, सुरज तुसंग, प्रदीप वाल्मीकि, विक्रांत शर्मा सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन : इंद्री की अनाज मंडी में खुशी जाहिर करते डी.एस.सी. (वंचित अनुसूचित जाति) एकता मंच के पदाधिकारी एवं समाज के लोग।