महाविद्यालय की प्राध्यापिका डॉ दीपा शर्मा को ‘वूमन ऑफ़ इंस्पिरेशन’ अवार्ड से सम्मानित

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इन्द्री विजय कांबोज।।शहीद उधम सिंह महाविद्यालय की प्राध्यापिका डॉ दीपा शर्मा ‘वूमन ऑफ़ इंस्पिरेशन’ अवार्ड से सम्मानित
महान विभूति सावित्री बाई फूले के जन्मदिन के उपलक्ष्य में करनाल में आयोजित राष्ट्रस्तरीय समारोह में शहीद उधम सिंह महाविद्यालय की प्राध्यापिका डॉ दीपा शर्मा को ‘वूमन ऑफ़ इंस्पिरेशन’ अवार्ड से सम्मानित किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य श्री विकास अत्री ने इस उपलब्धि पर प्राध्यापिका को सस्नेह आशीर्वाद और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह महाविद्यालय के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि डॉ दीपा शर्मा ने न केवल वैज्ञानिक शोध और शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय मंचों पर महाविद्यालय को पहचान दिलाई है अपितु भारतीय खेल-जगत में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। इस मौके पर कॉलेज कौंसिल के वरिष्ठ सदस्य डॉ राजकुमार, डॉ सुरेंदर सिंह, डॉ अनिला ढिल्लों, डॉ रणबीर सिंह और डॉ अनीता भी मौजूद रहे। डॉ दीपा शर्मा ने शुभकामनाओं के लिए प्राचार्य महोदय एवं अन्य साथियों का धन्यवाद किया और कहा कि उनकी उपलब्धियों में महाविद्यालय के सौहार्दपूर्ण माहौल और प्राचार्य तथा वरिष्ठ साथियों के प्रेरक मार्गदर्शन का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। अपनी सभी सफलताओं का श्रेय उन्होंने परमपिता परमात्मा और अपने माता-पिता के आशीर्वाद और संस्कारों को अर्पित किया।
ज्ञातव्य है कि डॉ दीपा शर्मा नैनो तकनीक के क्षेत्र में कार्बन नैनोट्यूब्स पर उत्कृष्ट वैज्ञानिक शोध के लिए जानी जाती हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ के तत्वाधान में स्पेन में आयोजित ‘इंटरनेशनल कांफ्रेंस ऑन ऑप्टिक्स, फोटोनिक्स एंड लेज़र्स ‘ में आयोजन समिति के आमंत्रण पर इन्हे हरियाणा सरकार के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अध्यक्षीय भाषण के लिए भेजा गया था। जापान के वैज्ञानिक डॉ कात्सुनोरि वाकाबयाशी और अमेरिका के वैज्ञानिक डॉ राम बी गुप्ता ने भी इन्हे अपने साथ संयुक्त शोध का आमंत्रण दिया है। डॉ दीपा शर्मा नेटबॉल फेडरेशन ऑफ़ इंडिया की इंटरनेशनल एग्जीक्यूटिव समिति की भी अध्यक्ष हैं। नूज़ीलैण्ड की जूनियर नेटबॉल पालिसी की ड्राफ्ट समिति में इंटरनेशनल नेटबॉल फेडरेशन की प्रतिनिधि के तौर पर इन्हे शामिल किया गया। हाल ही में केप टाउन में आयोजित वर्ल्ड नेटबॉल कांग्रेस २०२३ में भागीदारी हेतु गए त्रि -सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भी डॉ दीपा शर्मा ने किया। एक ग्रामीण विद्यालय से प्राथमिक शिक्षा से लेकर अंतराष्ट्रीय मंच पर देश के प्रतिनिधित्व तक का डॉ दीपा का सफर निस्संदेह प्रेरणापरक है .. ऐसी उपलब्धियों को पुरस्कारों द्वारा सम्मान और प्रोत्साहन दिया जाना निस्संदेह एक स्वस्थ परम्परा है। इसी परंपरा की एक कड़ी के तौर पर यह कार्यक्रम नीति आयोग , भारत सरकार से सम्बद्ध संस्था ‘एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया’ द्वारा नेशनल सुप्रीमो श्री नरेंद्र अरोड़ा के नेतृत्व में भारत में रूढ़ीवादी परम्पराओं को ध्वस्त कर महिला-शिक्षा की मशाल जलाने वाली सावित्री बाई फूले की याद में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर विश्व में महिला-शक्ति की प्रतिनिधि ‘मिसेस इंडिया २०२३’ अनुपमा शर्मा और समाजसेवा में सक्रिय और महिला अधिकारों के समर्थक फिल्म अभिनेता राणा जंग बहादुर को आमंत्रित किया गया था ।