विधायक ने सरकार की योजनाओं के तहत किसानों को दिए गए कृषि यन्त्रों का किया अवलोकन
इन्द्री विजय काम्बोज |। अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष 2023 के उपलक्ष्य में रविवार को इन्द्री अनाज मंडी में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा जिला स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में इन्द्री के विधायक रामकुमार कश्यप ने शिरकत की तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ0 वजीर सिंह ने की। कार्यक्रम में करीब 600 किसानों ने भाग लिया। इस दौरान सरकार की योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए इन्द्री क्षेत्र के 14 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। कृषि सम्बन्धित प्रश्रोतरी भी आयोजित की गई जिसमें प्रश्रों के सही उत्तर देने वाले एक महिला किसान सहित कुल 10 किसानों को स्प्रे पम्प देकर सम्मानित किया गया। विधायक ने सरकार की योजनाओं के तहत किसानों को दिए गए कृषि यन्त्रों का अवलोकन भी किया और विधायक ने किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अलावा राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान, केन्द्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान, भारतीय गेहूँ एवं जौ अनुसंधान संस्थान, कृषि विज्ञान केन्द्र सी.सी.एस.एच.ए.यू. उचानी, उप निदेशक, पशु पालन विभाग जिला उद्यान अधिकारी करनाल एवं जिला मतस्य अधिकारी के साथ-साथ अन्य विभागों से विशेषज्ञ भी शामिल हुए और उन्होंने अपने-अपने विभागों की योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में विधायक रामकुमार कश्यप ने किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि मोटा अनाज को पोषक तत्वों का भंडार माना जाता है। बीटा-कैरोटीन, नाइयासिन, विटामिन-बी, फोलिक एसिड, पोटेशियम, मैग्नीशियम, जस्ता आदि से भरपूर इन अनाजों को सुपरफूड भी कहा जाता है। ज्वार, बाजरा, रागी (मडुआ), मक्का, जौ, कोदो, सामा, बाजरा, सांवा, लघु धान्य या कुटकी, कांगनी और चीना जैसे अनाज मिलेट्स यानी मोटा अनाज होते हैं। इनके सेवन से हमारी सेहत को कई तरह के फायदे होते हैं। साथ ही इसके सेवन से शरीर में कोलेस्ट्रॉल भी कम होता है। मोटा अनाज तासीर में गर्म होते हैं। ऐसे में सर्दियों में इसके सेवन से शरीर को गर्माहट मिलती है, जिससे हम ठंड से बचे रहते हैं। इसके अलावा इसमें मौजूद कई पोषक तत्व भी शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। इन दिनों डायबिटीज की समस्या काफी आम हो चुकी है। कई लोग इस गंभीर समस्या से परेशान है। ऐसे में मोटा अनाज का सेवन कई तरह के मधुमेह में गुणकारी है। दरअसल, डायबिटीज के मरीजों के लिए गेहूं का सेवन हानिकारक माना जाता है। ऐसे में बाजरा, रागी, ज्वार आदि ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में काफी अहम भूमिका निभाते हैं।
विधायक ने कहा कि पानी की ज्यादा से ज्यादा बचत करे, क्योंकि हमारा जल स्तर लगातार घटता जा रहा है इसलिए इस विषय पर गंभीर हो की जरूरत है और किसान नई-नई तकनीकों से खेती करें । फसलों में दवाईयों का कम से कम प्रयोग करे ताकि लोगों का स्वास्थ्य भी ठीक रहे। कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ0 वजीर सिंह ने कहा कि आज के समय में हमें अपने स्वास्थ्य का अधिक ध्यान रखने की जरूरत है इसके लिए हमें अपने खाने में मोटे अनाज को जरूर शामिल करना होगा। मोटा अनाज में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा काफी कम होती है। ऐसे में नियमित तौर पर मोटा अनाज खाने से हाई बीपी और दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा काफी कम हो जाता है। इस मौके पर फसल अवशेष प्रबंधन के तहत किसानों को 40-50 प्रतिशत अनुदान पर व्यक्तिगत श्रेणी में दिए गए कृषि यंत्रों का भौतिक सत्यापन भी किया गया। इस मौके पर कृषि विभाग के उप मंडल कृषि अधिकारी डॉ. दिनेश शर्मा, उद्यान विभाग के जिला अधिकारी डॉ. मदन लाल, खंड कृषि अधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार, इन्द्री अनाज मंडी के प्रधान महेन्द्र सिंह त्यागी, ओमपाल मढ़ान, डॉ. विजेता, चरण सिंह मढ़ान, राजबीर नम्बरदार, रणधीर सिंह धूमसी, भाजपा नेता अमनदीप सिंह विर्क, अमित खेडा सहित भारी संख्या में किसान उपस्थित रहें।
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