फल्गु राष्ट्रीय संस्कृति न्यास का प्रथम सद्भावना समारोह संपन्न

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 पुस्तक लोकार्पण और सिया के राम की ओजस्वी प्रस्तुति
करनाल विजय काम्बोज || फल्गु राष्ट्रीय संस्कृति न्यास, फरल कैथल का प्रथम सद्भावना समारोह क्षीरधारा के शामगढ़ स्थित सभागार में आयोजित किया गया। जिसमें साहित्य, संस्कृति और संगठनात्मक ऊर्जा का संगम देखने को मिला। तीन चरणों में विभाजित इस भव्य आयोजन ने न केवल साहित्यिक और सांस्कृतिक गौरव का जश्न मनाया, बल्कि न्यास के भावी स्वरूप और उद्देश्यों को भी नई दिशा प्रदान की। कार्यक्रम का शुभारंभ फल्गु राष्ट्रीय संस्कृति न्यास और क्षीरधारा स्नैक्स की ओर से उपस्थित अतिथियों के औपचारिक स्वागत और अभिनंदन के साथ हुआ। कार्यक्रम का प्रथम चरण संस्था की बैठक के रूप में रहा, जिसमें न्यास के सभी सदस्यों और पदाधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की। बैठक में संस्कृति के प्रचार-प्रसार के संकल्प को दोहराते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब फल्गु मंदिर सुधार समिति का नाम फल्गु राष्ट्रीय संस्कृति न्यास होगा और यह राष्ट्रीय स्तर पर अपनी इकाइयों का विस्तार करेगा। इस दिशा में कार्य करने हेतु न्यास की एक नई कार्यकारिणी का विधिवत गठन किया गया, जो न्यास के आगामी उद्देश्यों को धरातल पर उतारने का कार्य करेगी। समारोह का दूसरा चरण साहित्यिक विमर्श का साक्षी बना। इस दौरान लेखक दिनेश शर्मा दिनेश द्वारा रचित और अद्विक पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक लोककवि निहालचंद निहाल जीवन और दर्शन का भव्य लोकार्पण हुआ। इस कृति को हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के उर्दू प्रकोष्ठ के निदेशक डॉ. चंद्र त्रिखा के आशीर्वाद और संपादक डॉ. विजेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है। पुस्तक का विमोचन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अभिलेखागार प्रमुख अजय कुमार के सान्निध्य में विशिष्ट अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया, जिनमें इंद्रप्रस्थ अध्ययन केंद्र के प्रमुख विनोद शर्मा विवेक, हिंदी मंच संचालन के शिखर पुरुष जैनेन्द्र सिंह, साहित्यकार एवं अभिनेता डॉ. रामफल चहल, भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष उमेश शर्मा, गौसेवक एवं उद्यमी अनिल भारद्वाज, वरिष्ठ साहित्यकार एवं इतिहासकार कमलेश शर्मा और अद्विक पब्लिकेशन के प्रबंधक अशोक गुप्ता सम्मिलित रहे। कार्यक्रम का तीसरा चरण विख्यात कवि चरणजीत चरण द्वारा प्रस्तुत विशेष काव्य प्रस्तुति सिया के राम के नाम रहा। उनकी ओजस्वी और मर्मस्पर्शी वाणी में रामकथा का वर्णन सुनते समय पूरा सभागार आध्यात्मिक वातावरण में डूब रहा। उनकी भावुक और प्रभावशाली प्रस्तुति के दौरान श्रोता बार-बार भावुक हुए और कईं लोगों की आंखें नम थीं। काव्य प्रस्तुति के समापन पर सभी उपस्थितजनों ने खड़े होकर तालियों के साथ कवि चरणजीत चरण का अभिनंदन किया। वास्तव में यह प्रस्तुति समारोह का अविस्मरणीय हिस्सा रही। क्षीरधारा स्नैक्स प्राइवेट लिमिटेड के सौजन्य से आयोजित इस आयोजन की सफलता के लिए विकास गर्ग के कुशल संयोजन की विशेष सराहना की गई। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार ईश्वर गर्ग, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के चीफ मैनेजर अजय शर्मा, तथा पवन शर्मा की उपस्थिति रहे। इसके अतिरिक्त नवीन सिंगला, जयकुमार, प्रवीण सिंह, संदीप नैन, संजीत कौशिक, मुकेश शर्मा, कपिल, तरसेम, हर्ष राणा, सुबे सिंह एवं तरसेम शर्मा सहित कई लोगों ने समारोह में अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। समारोह के समापन पर मंच संचालक द्वारा सभी उपस्थित अतिथियों, साहित्यकारों और प्रबुद्ध जनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।