फसल खरीद व किसानों को एमएसपी देने के मामले में कांग्रेस से फिसड्डी बीजेपी- हुड्डा

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कांग्रेस ने खरीदी थी 87 लाख मिट्रिक टन गेहूं, बीजेपी का टारगेट सिर्फ 72 लाख मिट्रिक टन- हुड्डा

इंद्री (करनाल) विजय काम्बोज  । पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आंकड़ों के साथ बीजेपी को आईना दिखाया है। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि 2013 में कांग्रेस सरकार ने 87 लाख मैट्रिक टन से ज्यादा की गेहूं की खरीद करी थी। लेकिन जब से भाजपा सत्ता में आई है, सरकारी खरीद का आंकड़ा लगातार घटता गया। इस बार भी सरकार ने मात्र 72 लाख मैट्रिक टन खरीद का ही टारगेट रखा है, यानी कांग्रेस के मुकाबले 15 लाख मिट्रिक टन कम। इससे स्पष्ट है कि फसलों की खरीद व किसानों को एमएसपी देने के मामले में बीजेपी कांग्रेस के सामने कहीं नहीं ठहरती।

हुड्डा ने बताया कि सिर्फ खरीद ही नहीं, पेमेंट में भी सरकार देरी कर रही है। अबतक मात्र 36 प्रतिशत खरीद की ही पेमेंट हुई है। सुचारू रूप से खरीद करने की बजाए किसानों पर नई-नई शर्तें थोपी जा रही हैं। सरकार ने किसानों पर पहले पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, फिर गेट पास, उसके बाद बायो-मेट्रिक, ट्रेक्टर नंबर, वेरिफिकेशन और गारंटर जैसी अनगिनत शर्तें थोपी हैं। कांग्रेस मांग कर रही है कि बीजेपी अन्नदाता को अपमानित करना बंद करे और सुचारू रुप से खरिद व समय पर पेमेंट करे।

हुड्डा ने बताया कि कांग्रेस विधायक दल ने माननीय राज्यपाल से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा है। क्योंकि महिला आरक्षण बिल 2023 में ही पास हो चुका था, जो कानून बन चुका है। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल 20 सितंबर 2023 को 454 वोटों से पास हुआ था। भाजपा अगर महिला हितैषी होती तो 2023 में ही इसे लागू कर देती। लेकिन उसने डिलिमिटेशन को जोड़कर बिल को उलझाने की कोशिश की। अब हरियाणा विधानसभा का सत्र बुलाना और इस मुद्दे पर चर्चा करना पूरी तरह गैर-संवैधानिक है। साथ ही कांग्रेस ने राज्यपाल के सामने कांग्रेस विधायकों को राजनीतिक द्वेष के चलते परेशान करने का मुद्दा भी उठाया है।