साक्षरता से समाज को मिलती है नई दिशा, नव साक्षरों व स्वयंसेवी शिक्षकों का किया सम्मान

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इंद्री विजय कांबोज। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ब्याना में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान नव साक्षरों को प्रमाण-पत्र तथा स्वयंसेवी शिक्षकों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने की, जबकि संचालन उल्लास कार्यक्रम के स्कूल प्रभारी एवं हिंदी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने किया। कार्यक्रम का संयोजन उल्लास कार्यक्रम के पर्यवेक्षक नरेश कुमार मीत एवं विजय कुमार ने किया।

प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने कहा कि शिक्षा और साक्षरता ऐसी पूंजी है, जिससे व्यक्ति और समाज निरंतर प्रगति करता है। जो लोग किसी कारणवश शिक्षा एवं साक्षरता से वंचित रह गए हैं, उन्हें साक्षर बनाना समाज के लिए महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि उल्लास कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वयंसेवी शिक्षक के रूप में कार्य करने का अवसर मिल रहा है, जो उनके लिए सीखने और समाज से जुड़ने का नया अनुभव है।

प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने बताया कि वर्ष 2022 में नव भारत साक्षरता कार्यक्रम शुरू किया गया था, जिसे आमतौर पर उल्लास कार्यक्रम के नाम से जाना जाता है। यह कार्यक्रम स्वैच्छिक भावना पर आधारित है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवी शिक्षक के रूप में विद्यार्थी अपने परिवार और आसपास के वयस्कों को पढ़ना-लिखना सिखाते हैं। इस दौरान विद्यार्थियों को भी अपने बड़ों से कई महत्वपूर्ण बातें सीखने का अवसर मिलता है।

उल्लास कार्यक्रम के पर्यवेक्षक नरेश मीत एवं विजय कुमार ने बताया कि वर्तमान में नए निरक्षर लोगों के पंजीकरण का कार्य चल रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने आसपास के निरक्षर लोगों को पढ़ाने की जिम्मेदारी लेने तथा नए साक्षरों से भी अन्य निरक्षर लोगों का पंजीकरण करवाने में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि उल्लास कार्यक्रम की आगामी परीक्षा 20 सितंबर को आयोजित की जाएगी।

कार्यक्रम के दौरान