ड्यूटी नोटिस से खफा आदेशों की प्रतियां जलाई
इन्द्री विजय काम्बोज ||
नगरपालिका और फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार को 30वें दिन में प्रवेश कर गई। सरकार की ओर से ड्यूटी पर लौटने के नोटिस जारी होने के बावजूद कर्मचारी हड़ताल पर डटे रहे और विरोध स्वरूप धरना स्थल पर मुंडन कराकर आक्रोश प्रकट किया। कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने कहा कि वे बर्खास्तगी और दमनकारी कार्रवाई के दबाव में आंदोलन वापस नहीं लेंगे। कर्मचारी संगठनों के अनुसार यह हड़ताल 6 अगस्त को तीन दिवसीय सांकेतिक आंदोलन के रूप में शुरू हुई थी ओर हमारी मांगों पर लिखित आदेश जारी न होने के कारण अभी तक आंदोलन लगातार जारी है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, ठेका प्रथा समाप्त करना, खाली पदों पर स्थायी भर्ती, 13 मई को हुए 17-सूत्रीय समझौते के तहत वेतन और सुविधाओं को लागू करना शामिल है। इसके अलावा फायर ब्रिगेड और सफाई कर्मचारियों के लिए जोखिम भत्ता और सुरक्षा नीति लागू करने की मांग भी लंबित है।
नोटिस के बाद मुंडन, आंदोलन तेज करने की चेतावनी, नोटिस की प्रतियां जलाई-
विभाग की ओर से हड़ताली दमकल और नगरपालिका कर्मचारियों को ड्यूटी ज्वाइन करने के नोटिस जारी किए गए हैं, जिसके बाद कर्मचारियों में रोष और बढ़ गया है। रोषस्वरूप कर्मचारियों ने नोटिसों की प्रतियां जलाई और फायर ब्रिगेड और नगरपालिका संघ से दो- दो कर्मचारियों ने सिर मुंडवाकर विरोध दर्ज कराया। यूनियन नेताओं ने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है। घोषित कार्यक्रम के अनुसार 3 सितंबर को एक दिवसीय हड़ताल, 5 और 6 सितंबर को मंत्रियों के कैंप कार्यालयों पर प्रदर्शन तथा 10 से 12 सितंबर तक जिला स्तर पर न्याय पंचायतों का आयोजन किया जाएगा। कुछ जिलों में हड़ताल को 6 सितंबर तक बढ़ाने और शहरी स्थानीय निकाय मंत्री के कार्यालय के घेराव की भी घोषणा की गई है। इस मौके पर प्रधान बुधराम, सुरजीत, हवा सिंह, सुनीता, राजरानी, सुमन, इशम सिंह, वेद प्रकाश, मूर्ति देवी, कुलदीप, रजनीश, प्रवीण विनोद व रमेश चंद्र सहित कई अन्य मौजूद रहे।









