करनाल। करनाल सहकारी चीनी मिल में गन्ना विभाग के कर्मचारियों एवं गन्ना किसानों को आज गन्ने की फसल में लगने वाली बिमारियों से बचाव एवं बेहतर उत्पादकता हेतु प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय, हिसार से आए कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर महा सिंह, कीट प्रबंधक ने किसानों को सम्बोधित करते हुए गन्ने के कीट व् बिमारियों के बारें में विस्तार से बताया और उन्होंने गन्ने में लगने वाली बीमारी जैसे लाल सड़न, कंडुआ रोग , विल्ट, पोक्का बोइंग आदि के बारें में विस्तृत जानकारी दी। इसी श्रृंखला में आगे बढ़ते हुए कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर नवीन ने गन्ने की संशय क्रियाओं के बारें में विस्तारपूर्वक चर्चा की, इसके साथ -साथ डॉक्टर रविंदर कुमार, गन्ना प्रजनन संस्थान (आईसीएआर) के द्वारा गन्ने की विभिन्न किस्मों के बारे में किसानों को जानकारी दी।
इस अवसर पर चीनी मिल की प्रबंध निदेशक अदिति ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए करनाल चीनी मिल के कर्मचारियों और किसानों को वैज्ञानिकों द्वारा दी गयी जानकारी को गन्ना किसानों के साथ साँझा करना एवं इन रोगों के निदान हेतु अमल में लाये जाने की और जोर दिया ताकि आगामी पिराई सत्र में सहकारी चीनी मिल को उत्तम किस्म के गन्ने की उपलब्धता हो सके और किसानों से गन्ना रकबा बढ़ने पर जोर दिया ताकि ज्यादा से ज्यादा गन्ना मिल को पिराई हेतु उपलब्ध हो सके । प्रबंध निदेशक ने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र में जाकर गन्ने कि फसल छोड़ चुके किसानों को भी गन्ना लगाने की ओर प्रेरित करें ताकि गन्ने के रकबे को बढ़ाया जा सके। इस अवसर पर करनाल सहकारी चीनी मिल की तरफ से रामपाल (CDO) , सतपाल सिंह (CMO) और मनोज कुमार (CDI) व् गन्ना विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।









