राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को किया नमन – रिंकू सैनी

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इंद्री विजय कांबोज।।
भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री एवं प्रथम गृह मंत्री, भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की जयंती के अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता परिषद् भारत की ओर से उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
परिषद् के अध्यक्ष रिंकू सैनी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं थे, बल्कि वे मजबूत इच्छाशक्ति, अदम्य साहस, दूरदर्शिता और राष्ट्र के प्रति समर्पण के प्रतीक थे। उन्होंने अपने दृढ़ नेतृत्व और कुशल राजनीतिक सूझबूझ से स्वतंत्रता के बाद देश की सैकड़ों रियासतों का एकीकरण कर भारत की एकता और अखंडता को मजबूत आधार प्रदान किया।
सैनी ने कहा कि सरदार पटेल का संपूर्ण जीवन हमें सिखाता है कि राष्ट्र की एकता, सामाजिक समरसता और जनकल्याण से बढ़कर कोई व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं हो सकता। उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की स्वतंत्रता, एकता और मजबूत भारत के निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। आज के समय में सरदार पटेल के विचारों और आदर्शों को अपनाने की अत्यंत आवश्यकता है। समाज में जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र के आधार पर भेदभाव समाप्त करके आपसी भाईचारे, सद्भाव और समानता की भावना को मजबूत करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
सैनी ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता परिषद् भारत शिक्षा, सामाजिक समानता, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के उत्थान, महिला सुरक्षा, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है। परिषद् का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता, शिक्षा और सम्मान के अवसर पहुंचाना है। उन्होंने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। प्रत्येक युवा को सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना चाहिए तथा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आगे आना चाहिए। युवाओं को सामाजिक एकता, भाईचारे और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन और उनके आदर्श सदैव देशवासियों को एकजुट होकर राष्ट्र की प्रगति के लिए कार्य करने की प्रेरणा देते रहेंगे।