डेरा पीर वाला में होगा हजरत मामू मौला बक्श का 22वां उर्स, उमड़ेगा आस्था का सैलाब

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कव्वाली समारोह में सूफियाना प्रस्तुतियां रहेंगी आकर्षण का केंद्र, जरूरतमंद कन्याओं के विवाह का भी होगा आयोजन
विजय कांबोज, इंद्री।
गांव गढ़ी बीरबल स्थित प्रसिद्ध गुरु गद्दी पीर वाला डेरा दरबार मामू जी में हजरत मामू मौला बक्श का 22वां वार्षिक उर्स मुबारक बुधवार से श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाएगा। उर्स को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले जायरीनों में खासा उत्साह है। श्रद्धालु दरबार में माथा टेककर अमन, चैन और खुशहाली के लिए दुआएं मांगेंगे।
गद्दीनशीन गुरु दीवान चंद ने बताया कि उर्स के तहत बुधवार को छोटी रोशनी और मामू जी की मेहंदी की रस्म अदा की जाएगी। इसके बाद शाम सात बजे विशेष दुआ का आयोजन होगा। इसमें देश में अमन, चैन और खुशहाली की मन्नत मांगी जाएगी। गुरुवार सुबह नौ बजे बड़ी रोशनी और चादर शरीफ की रस्म होगी। चादरपोशी के बाद सुबह 11 बजे से विशाल लंगर शुरू किया जाएगा, जो पूरे दिन चलेगा।
कव्वाली समारोह रहेगा मुख्य आकर्षण
गद्दीनशीन गुरु दीवान चंद ने बताया कि उर्स का मुख्य आकर्षण गुरुवार रात आयोजित होने वाला कव्वाली समारोह रहेगा। इसमें नामचीन कव्वाल सूफियाना कलाम पेश कर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक रंग में रंगेंगे। कव्वाली समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। उर्स का समापन शुक्रवार सुबह आठ बजे विदाई और रूखसती की दुआ के साथ होगा।
जरूरतमंद कन्याओं के विवाह का आयोजन
उर्स के दौरान दरबार की ओर से गरीब और जरूरतमंद कन्याओं के विवाह भी करवाए जाएंगे। दरबार प्रबंधन के अनुसार हर वर्ष उर्स के अवसर पर जरूरतमंद कन्याओं की शादी करवाई जाती है। विवाह समारोह की विभिन्न रस्में दरबार प्रबंधन की ओर से पूरी की जाती हैं। यह आयोजन धार्मिक कार्यक्रम के साथ-साथ सामाजिक सेवा और मानवता की भावना को भी आगे बढ़ाता है।