पर्यावण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए नगर निगम एक्टिव मोड में, निगरानी के लिए टीमों का गठन कर फील्ड में उतारा,  पानी का निरंतर किया जा रहा छिडक़ाव

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निर्माण स्थलों व सामग्री को कवर करवाना सुनिश्चित करें अधिकारी, कूड़े में न लगाए कोई आग, न मानने पर करें चालान- अशोक कुमार, अतिरिक्त निगम आयुक्त।
करनाल विजय  काम्बोज ||
        शहर में पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए नगर निगम करनाल एक्टिव मोड में आ गया है। इसे लेकर अतिरिक्त निगम आयुक्त अशोक कुमार ने एक आदेश जारी कर अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम का गठन किया है। यह टीमें शहर में दौरा कर ग्रैप-2 के नियमों की पालना सुनिश्चित करवाएंगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण की गाईडलाईन की सख्ताई से पालना करवाई जानी सुनिश्चित की जाए। सडक़ों की यांत्रिक/वैक्यूम आधारित सफाई दैनिक आधार पर की जाए। विशेष रूप से हॉटस्पॉट, भारी यातायात गलियारों, संवेदनशील क्षेत्रों और निर्दिष्ट स्थलों/लैंडफिल में एकत्रित धूल का उचित निपटान करें। होटलों, रेस्तरां और खुले स्थानों में तंदूरों सहित कोयला व जलाऊ लकड़ी का उपयोग न हो। होटल, रेस्तरां और खुले भोजनालय केवल बिजली या स्वच्छ ईंधन गैस आधारित उपकरणों का उपयोग करें। आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं को छोडक़र डीजल जनरेटर के उपयोग पर पूर्णत: प्रतिबंद रहेगा। निजी परिवहन को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग शुल्क में वृद्धि करें। रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन सर्दियों के दौरान सुरक्षा कर्मचारियों को इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध करवाएं।

निर्माण कार्य ढक कर करें- उन्होंने निर्देश दिए कि शहर में जितने भी निर्माण स्थल हैं, उनमें प्रयुक्त होने वाली सामग्री जैसे बजरी, रेत, सीमेंट, मिट्टी, कोर्स सैंड व डस्ट इत्यादि को कवर करवाना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त निर्माण कार्य भी ग्रीन कवर या टीन इत्यादि से ढक कर किया जाए। अगर कोई पालना नहीं करता तो सम्बंधित भवन मालिक का चालान किया जाए। इसके लिए कनिष्ठï अभियंता, सफाई निरीक्षक व भवन निरीक्षक की अलग-अलग टीमें बना दी गई हैं, जो फील्ड में उतर गई हैं।

कूड़ा-कर्कट में न लगे आग- उन्होंने मुख्य सफाई निरीक्षक व सभी जोन इंचार्ज को निर्देश दिए कि शहर में कहीं भी कूड़े-कर्कट में आग नहीं लगनी चाहिए। इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि कहीं भी कूड़ा जमा न होने दें, इसके लिए सम्बंधित जोन इंचार्ज व दरौगा जिम्मेवार होंगे। उन्होंने सख्त निर्देश देते कहा कि कहीं भी आग लगने का मामला सामने नहीं आना चाहिए।

पानी का करवाएं छिडक़ाव- उन्होंने कार्यकारी अभियंताओं को निर्देश दिए कि शहर के सभी मुख्य मार्गों व मार्किट क्षेत्रों में पानी का निरंतर छिडक़ाव करवाया जाए। बता दें कि टैंकरों की सहायता से पानी का छिडक़ाव कार्य जारी है। इसके लिए एस.टी.पी. से निकलने वाले उपचारित जल का प्रयोग किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त नगर निगम की शहर में जितनी भी परियोजनाएं चल रही हैं, सभी पर पानी का छिडक़ाव करवाया जाए, ताकि धूल-मिट्टी हवा में न उठे। इसके लिए निर्माण एजेंसी को बोला जाए।

सी एंड डी वेस्ट न दिखे- उन्होंने निर्देश दिए कि शहर में सडक़ पर कहीं भी निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्टï (सी एंड डी वेस्ट) नहीं दिखना चाहिए। इसके लिए सभी कनिष्ठï अभियंता व सहायक अभियंता अपने-अपने क्षेत्र में दौरा करें। अगर किसी ऐसा अपशिष्टï दिखाई दे, तो सम्बंधित व्यक्ति का चालान किया जाए।
अतिरिक्त निगमायुक्त ने शहरवासियों तथा कूड़ा एकत्र करने वाले निजी लोग, कबाड़ी, दुकानदार या रेहड़ी-फड़ी वालों से अपील करते कहा कि कोई भी कूड़े-कर्कट, पॉलीथिन या प्लास्टिक इत्यादि वस्तुओं में आग न लगाए, इससे पर्यावरण प्रदूषित होता है। पर्यावरण प्रदूषित होने से कई तरह की बीमारियां होती हैं, जो सभी के लिए हानिकारक हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम शहर की साफ-सफाई व पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए कटिबद्घ है। अगर कोई व्यक्ति  प्रदूषण फैलाता है, तो नगर निगम उसके विरूद्घ सख्ती से निपटेगा। उन्होंने कहा कि कूड़े में आग लगाने की सूरत में पांच से 25 हजार रुपये का चालान किया जाएगा।