देवी मां कृपालु होने के कारण भक्तों को निहाल करती हैं
– महासाध्वी प्रमिला
करनाल- नवरात्रि के पावन अवसर पर शक्तिस्वरूपा मनोकामनापूरक भक्तवत्सला श्री ओसिया मां की भक्ति चौकी एवं गुणानुवाद भक्तिनुमा माहौल में तीर्थस्थल श्री आत्म मनोहर जैन आराधना मंदिर में सम्पन्न हुआ जिसमें दैवी गुणगान से सभी के मंगल की कामना की गई।

शांतात्मा महासाध्वी श्री प्रमिला जी महाराज ने कहा कि आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष निर्धारित पर्व के दिनों में पूजा-पाठ, आराधना-उपासना, मंत्र-जाप का अधिक फल मिलता है। मां स्वभाव से ही दयालु, कृपामूर्ति होने के कारण भक्तों पर निहाल होकर झोलियां भरती है और अपनी अलौकिक, विलक्षण शक्तियों से सारे संकटों तथा कष्टों का निवारण कर कुशल-क्षेम सुनिश्चित करती है। ओसिया देवी दुर्गा मां कात्यायनी का रूप हैं जिन्हें हिंसा, पशुबलि, पाखण्ड का निषेध कर सात्त्विक, भव्य तथा कल्याणकारी पूजा विधान बनाने के कारण जैन परम्परा में सच्चियायी माता का ऊंचा दर्जा दिया गया है। भारत संत गौरव श्री पीयूष मुनि जी महाराज को प्राणिमात्र की सेवा, शिक्षा द्वारा भावी पीढ़ी का भविष्य संरक्षण सुनिश्चित करने, किसी भी आवश्यकता के समय समाज को प्रेरणा देकर दूसरों की जरूरत के संसाधन उपलब्ध कराने में सहायक बनने और सभी सम्प्रदायों के सद्गुरुओं को एक मंच पर आसीन कर सर्वधर्म सद्भाव, आपसी सहयोग – भाईचारे का बहुमूल्य संदेश देने के कारण समाजसुधारक, क्रांत विचारक, युगानुकूल सेवाधर्मी संत होने के नाते सभी का श्रद्धेय, सम्माननीय स्थान प्राप्त है। उनकी जन्म स्वर्ण जयन्ती पर सभी श्रद्धालुओं की ओर से बधाईयां एवं शुभकामनाएं दी गई।
मैया तेरी जय-जयकार, मेरी मां के बराबर कोई नहीं, ओसिया मैया का सहारा मिल गया, सहारा अंबे मां, मेरी मैय्या ने मौजां ला दित्तियां, मेरी मैईया का दरबार सुहाना लगता है, लक्ख
शुकर मनाने आं तेरा ही दित्ता खाने आं, चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है, तूने मुझे बुलाया शेरां वालिए मैं आया मैं आया शेरा वालिए, ओ मां आ तुझे दिल ने पुकारा, यही है वो द्वार माता रानी का सच्चा है दरबार माता रानी की, मातारानी फल देगी आज नहीं तो कल देगी, गुरुवर तुम्हारे प्यार ने जीना सिखा दिया, हमारे हैं श्री गुरुदेव हमें किस बात की चिंता-भजनों के मुखड़ों ने सभी को भक्ति में झूमने को मजबूर किया।

अध्यक्षता श्रीमति चांद रानी जैन (मिनी किंग निटवियर्ज, लुधियाना) ने की। मुख्य अतिथि श्रीपाल जैन (एस. विनेश पब्लिशर्ज, जालंधर) रहे। ध्वजारोहण संभव – संगीता जैन (एम जे ओसवाल, लुधियाना) ने किया। ज्योति प्रचंड का लाभ शांति आर्मी स्टोर, लुधियाना के अरुण जैन बबला ने लिया । दीप प्रज्ज्वलन निखिल- पूनम जैन (लुधियाना) के करकमलों से हुआ। महामाई के दरबार अनावरण की रस्म व्हाईटहिल एग्रो प्रोडक्टस कुरुक्षेत्र के नवनीत – राजीव – कपिल -पंकज ने अदा की। प्रीतिभोज की सेवा पसरूर जैन दुग्गड़ बिरादरी, लुधियाना के पदाधिकारियों की ओर से रही। प्रसादम आर. जे. इम्पैक्स जालन्धर के नरेश जैन – साहिल जैन ने बांटा। दरबार अनावरण व्हाईटहिल एग्रो प्रोडक्टस परिवार, कुरुक्षेत्र ने सम्पन्न किया। आरती लाभ जैन अम्बर हौजरी परिवार, लुधियाना ने लिया
और मंदिर की साजसज्जा का सौजन्य अरिहंत मशीनरी स्टोर, गाजियाबाद ने प्राप्त कर स्वयं को धन्य किया।
इस सुअवसर पर विधानसभा स्पीकर श्री हरविन्द्र कल्याण, अनेक विधायक, प्रशासनिक, न्यायिक, पुलिस अधिकारी, निगमों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष – सदस्यों के अलावा सभी राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। मंदिर प्रबंधन की ओर से सभी का बहुमान स्मृति चिन्ह तथा माला, अगवस्त्रम् से किया गया। सीताराम कश्यप, यश हरियाणवी, मनीषा जैन, संभव जैन के भजनों ने समां बांधा और भजन-कीर्तन से सभी को भावविभोर किया।
इस सुअवसर पर उदार सज्जनों ने मन्दिर प्रबन्धन द्वारा चलाए जा रहे भिन्न-भिन्न कल्याणकारी प्रकल्पों के लिए उदारतापूर्वक सहयोग राशि दी।
स्थानीय तथा बाहर के इलाकों से सैंकड़ो की संख्या में श्रद्धालु भक्तगण भक्तिभावना हृदय में संजोए हुए इस मौके पर उपस्थित हुए।









