सडक़ों पर मार्किंग, जेब्रा क्रॉसिंग, रम्बल स्ट्रिप्स, साईन बोर्ड लगवाएं तथा वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टिंग टेप लगवाना करें सुनिश्चित
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करनाल विजय काम्बोज |। उपायुक्त उत्तम सिंह ने सडक़ सुरक्षा नियमों की दृढ़ता से पालना सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए और कहा कि शराब पीकर गाड़ी चलाने, ओवर लोड वाहन, ओवर स्पीडिंग, गलत दिशा में गाड़ी चलाने, बिना सीट बेल्ट के गाड़ी चलाने, दोपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाने, बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाने, सडक़ सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों पर पुलिस विभाग सख्ती बरतें और अधिक से अधिक चालान काटे जाएं ताकि सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
उपायुक्त आज जिला सचिवालय में आयोजित सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि धुंध का सीजन शुरू हो चुका है, ऐसे में सडक़ों पर मार्किंग, जेब्रा क्रॉसिंग, रम्बल स्ट्रिप्स, साईन बोर्ड इत्यादि उचित प्रकार से लगे होने चाहिए तथा वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टिंग टेप लगवाना सुनिश्चित करें। इसके अलावा सडक़ों पर पैचवर्क का कार्य समय-समय पर करवाया जाए ताकि सडक़ दुर्घटनाओं को रोका जा सके। उपायुक्त ने सडक़ सुरक्षा समिति के सदस्यों का आह्वान किया कि वे जनता की जागरूकता के लिए कैंप लगाकर लोगों को सडक़ सुरक्षा नियमों के बारे में जानकारी दें। उन्होंने बताया कि खनन कार्य में लगे भारी वाहनों के कारण कुछ गांवों की सडक़ें टूटने बारे ग्रामीणों की ओर से शिकायतें मिलती हैं। इसके दृष्टिगत उपायुक्त ने आरटीए को निर्देश कि वे ऐसे वाहनों पर नजर रखें और खनन एजेंसियों से उन सडक़ों की तुरंत मरम्मत करवाई जाए।
उन्होंने सडक़ निर्माण कार्य से जुड़े विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभाग से संबंधित सडक़ों की मरम्मत व निर्माण कार्य की स्वीकृति बारे मुख्यालय से समय-समय पर जानकारी लें। अगर कहीं पर कोई दिक्कत आती है तो इसकी सूचना उपायुक्त कार्यालय को दें ताकि इसका समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि जिन सडक़ों के टेंडर लग चुके हैं और वर्क अलॉट हो चुका है, वे कार्य जल्द शुरू करवाए जाएं। उपायुक्त ने पिछली बैठक से लंबित मामले की समीक्षा के दौरान गांव मंजूरा से गुजरने वाले करनाल कैथल रोड पर बड़े-बड़े गड्ढों की मरम्मत व साइन बोर्ड और डिवाइडर नहीं होने के कार्य की संतोषजनक रिपोर्ट नहीं मिलने पर एसडीएम करनाल को जांच करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि सडक़ दुर्घटनाओं में घायल हुए लोगों तथा मृत लोगों के परिजनों को हिट एंड रन मोटर स्कीम 2022 के तहत समय पर मुआवजा दिलवाया जाए, जो केस स्वीकृत हो चुके हैं, अगर उनके मुआवजा मिलने में कोई दिक्कत आ रही है तो उपायुक्त कार्यालय से डीओ लैटर भिजवाया जाए। बैठक में आईआरएडी से स्वाति गुप्ता ने बताया कि आईआरएडी रिपोर्ट के अनुसार जिला में गत माह 82 हादसे हुए जिनमें 37 लोगों की मृत्यु हुई। उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा राज्य में ट्रॉमा केयर नेटवर्क के संबंध में ट्रॉमा केयर सेवाओं की उपलब्धता के अनुसार स्वास्थ्य सुविधाओं का ऑडिट और वर्गीकरण के निर्देश प्राप्त हुए हैं। इसको लेकर उपायुक्त ने सीएमओ को निर्देश दिए कि जिला के सभी सरकारी व कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज तथा पैनल पर जिला के निजी अस्पतालों का अगले 3 से 4 दिनों के अंदर सर्वे किया जाए और वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली जाए ताकि दुर्घटना की स्थिति में घायलों को उचित अस्पताल में इलाज के लिए भेजा जा सके।
उपायुक्त ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शहर के मध्य बनाए जा रहे उपरिगामी पुल के नीचे दोनों तरफ सडक़ों पर बने गड्ढ़ों को समय पर मिट्टी से भरवा कर उनकी निगरानी की जाए। यदि मिट्टी बैठने या अन्य किसी कारण फिर से गड््ढा बन गया है तो समय पर उसे भरा जाए तथा पानी का छिडक़ाव भी करवाया जाए ताकि वाहन चालकों को परेशानी न हो। उन्होंने बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट्स को भी चालू करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
पुलिस ने किए 38 हजार से अधिक चालान
बैठक में बताया गया कि पुलिस विभाग द्वारा यातायात नियमों के उल्लंघन पर अक्तूबर माह में 38181 चालान कर 73 लाख 45 हजार 700 रुपये जुर्माना वसूला गया। किए गए चालानों में ओवर स्पीड के 10747, बिना हेलमेट के 11283, नशे में वाहन चालने के 82, बिना आरसी के 192, बिना लाइसेंस के 72, बिना नंबर प्लेट के 413, लाईन बदलने के 3238, तिपहिया सवारी के 101, गलत दिशा में वाहन चलाने के 390, गलत पार्किंग के 686, लाल बत्ती पार करने के 856, बिना तीसरी पार्टी बीमा के 2325, सडक़ निशानों की उल्लंघना के 2981, वायु प्रदूषण के 4808 और बिना सीट बेल्ट के 7 चालान शामिल हैं। इसी प्रकार आरटीए द्वारा अक्तूबर में 250 चालान करके एक करोड़ 26 लाख 18 हजार 800 रुपये जुर्माना किया गया। आईडीटीआर करनाल द्वारा अक्तूबर में 472 लोगों को वाहन चलाने का प्रशिक्षण दिया गया।
सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत गत माह जिला में 166 बसों का निरीक्षण और चार का चालान किया गया। उपायुक्त ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि स्कूल वाहनों की चेकिंग निरंतर जारी रखें और समय-समय पर औचक निरीक्षण करें।
बैठक में घरौंडा के एसडीएम राजेश सोनी, असंध के राहुल, आरटीए विजय देशवाल, आईआरएडी से स्वाति गुप्ता, सडक़ सुरक्षा समिति के सदस्य सहित पीडब्ल्यूडी, एचएसवीपी, एनएचएआई आदि के अधिकारी मौजूद रहे।









