अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर सेमिनार
————————————–
करनाल विजय काम्बोज |। हरियाणा मानवाधिकार आयोग और जिला प्रशासन की ओर से आज यहां कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के सभागार में अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता हरियाणा मानव अधिकार आयोग के चेयरपर्सन एवं पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस ललित बतरा ने की। मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने भाग लिया।
श्री कल्याण ने इस मौके पर कहा कि एक समावेशी समाज हो और लगातार सामाजिक प्रगति हो, ऐसे संकल्प के साथ आज अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस मनाया जा रहा है। आज का दिन यह संदेश देने वाला है कि समाज को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं। संविधान द्वारा प्रदत मूल अधिकारों में समानता का अधिकार भी शामिल हैै। व्यक्ति जितना अधिक संवेदनशील होगा उतना अधिकारों के प्रति सचेत होगा और दूसरों के अधिकारों की चिंता करेगा। अधिकार देने और पाने वाले में अहसान का भाव नहीं होना चाहिए।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि युवाओं के कंधों पर चलकर देश विकसित राष्ट्र बनेगा, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है। यह युवा में इसमें भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। एक बार एक संत ने कहा था-जीवन में भले जो बनें, पर सबसे पहले अच्छा इंसान बनें। इंसानियत जिम्मेदारियों के प्रति सचेत और दूसरों के प्रति संवेदनशील रखेगी। श्री कल्याण ने कहा कि समाज की एक सभ्यता भी है। गरीब, जरूरतमंद, कमजोर के प्रति भावना व आचरण सही है तो हम सभ्य हैं।
उन्होंने कहा कि आज समावेशी व अच्छे समाज के निर्माण में योगदान का संकल्प लें। संत-महात्माओं के संदेश को आत्मसात करते हुए आगे बढ़ना है। खुशी है कि केंद्र और राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में इस दिशा में गंभीर से कार्य कर रही है। दानवीर कर्ण के नाम के प्रसिद्ध इस नगरी से पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गीता संदेश को आत्मसात करते हुए व्यवस्था सुधार का काम साढ़े नौ साल में किया। उन्होंने मानवाधिकार आयोग की सालाना रिपोर्ट की प्रशंसा की।
श्री कल्याण ने बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग और नशे की लत पर चिंता जताते हुए पर्यावरण के प्रति संवेदनशील होने और युवाओं से नशाखोरी से बचने की अपील की। उन्होंने खुद की तरक्की के साथ-साथ देश की तरक्की में भी योगदान की अपील की। श्री कल्याण ने कार्यक्रम में प्रतिभागी बच्चों को प्रमाण पत्र वितरित किए। इसके अलावा 4 ई-रिक्शा समेत 20 रिक्शा मुख्य अतिथि श्री कल्याण और जस्टिस ललित बतरा द्वारा वितरित की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आयोग के चेयरपर्सन जस्टिस ललित बतरा ने कहा कि यह दिन मानव गरिमा, मानव क्षमता और मानव अधिकारों का उत्सव है। यह हमें याद दिलाता है कि विशेष रूप से सक्षम व्यक्ति समाज के हाशिये पर नहीं हैं—वे हमारे सामूहिक विकास के केंद्र में हैं, और उन्हें भी वही संवैधानिक अधिकार और मानव अधिकार प्राप्त हैं जो प्रत्येक नागरिक को मिलते हैं।

आज भारत न्याय और समानता की एक मजबूत नींव पर खड़ा है। हमारे संविधान में समानता, भेदभाव-रहित व्यवहार, स्वतंत्रता, गरिमा और पूर्ण भागीदारी के अधिकार सभी के लिए सुनिश्चित किए गए हैं। जब हम दिव्यांग अधिकारों की बात करते हैं, तो हम कोई नए अधिकार नहीं बना रहे—हम केवल यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि विशेष रूप से सक्षम व्यक्ति भी वही मौलिक अधिकार पूरी तरह से प्राप्त कर सकें जो सभी नागरिकों को मिले हैं। दिव्यांग अधिकार कोई विशेष अधिकार नहीं हैं—वे मानवाधिकार हैं, जिन्हें हमारे न्यायालयों, हमारे कानूनों और हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों ने मान्यता दी है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में हमारे देश ने उल्लेखनीय प्रगति देखी है। सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों और सार्वजनिक संस्थानों ने सुगम्यता और समावेशन को शासन का महत्वपूर्ण अंग बनाना शुरू किया है। विद्यालय विशेष रूप से सक्षम बच्चों का स्वागत कर रहे हैं और उन्हें सीखने और आगे बढ़ने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान कर रहे हैं। कार्यस्थल अधिक संवेदनशील और अधिक समावेशी हो रहे हैं। सहायक उपकरण, प्रारंभिक हस्तक्षेप सेवाएँ और पुनर्वास तंत्र विस्तार पा रहे हैं, जिससे व्यक्तियों को अधिक स्वतंत्रता और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने में सहायता मिल रही है। ये कदम सिर्फ नीतिगत निर्णय नहीं—ये धरातल पर लागू हो रहे मानव अधिकार हैं।

आइए, इस दिन यह संकल्प लें कि विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करने वाला समाज अपने लोकतांत्रिक चरित्र को और मजबूत करता है। हम यह सुनिश्चित करने का संकल्प लें कि हर सार्वजनिक स्थान सुगम हो, हर अवसर समावेशी हो, और हर नागरिक के साथ गरिमा के साथ व्यवहार किया जाए। सरकार, संस्थान, नागरिक समाज और समुदाय—सभी मिलकर ऐसा वातावरण बनाएँ जहाँ समानता दैनिक व्यवहार बने, अधिकार सुरक्षित हों और कोई भी पीछे न छूटे।
इससे पहले मोहित सरदाना ने कहा कि दिव्यांगता मानवता के लिए अपवाद नहीं है। यह मानव जीवन का स्वाभाविक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों में जागरूकता पैदा करने के लिए ही इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। दिव्यांगों को हौसला देना है, ऐसा करने से वे उड़ान भरेंगे। उड़ान भरने पर मंजिल को हासिल करेंगे। उनके प्रति प्रेम, संवेदनशीलता रखनी होगी। हरियाणा वाणी एवं श्रवण बाधित व्यक्तियों के कल्याण के लिए गठित समिति की उपाध्यक्ष मेघा भंडारी ने समिति की गतिविधियों की जानकारी दी। आयोग के सदस्य दीप भाटिया ने आगंतुकों का आभार जताते हुए कहा कि हम सबको विशेष रूप से सक्षम लोगों के लिए आगे आकर जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।
इस अवसर पर मूक-बधिक बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। आयोग के सदस्य दीप भाटिया ने आगंतुओं का आभार जताया। इस मौके पर विधायक जगमोहन आनंद, पंडित दीन दयाल राजकीय मेडिकल यूनिवर्सिटी के वीसी डा. विकास भाटिया, मेयर रेणु बाला गुप्ता, जिला भाजपा अध्यक्ष प्रवीण लाठर, हरियाणा मानवाधिकार के रजिस्ट्रार रवि कुमार सौंधी, संजय कुमार खंडूजा, सहायक रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा, सचिव जयवीर सिंह, सहायक निदेशक चिराग कपूर एसपी जेल लखबीर सिंह बराड़, के अलावा एसडीएम अनुभव मेहता, चीनी मिल की प्रबंध निदेशक अदिति, रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव कुलबीर मलिक आदि मौजूद रहे।









