इन्द्री विजय काम्बोज || विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस (10 सितम्बर 2025) के अवसर पर शहीद उधम सिंह राजकीय महाविद्यालय, मटक माजरी, इन्द्री के मनोविज्ञान विभाग द्वारा “आत्महत्या पर दृष्टिकोण बदलना” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. महेन्द्र सिंह बागी के प्रेरणादायी संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने युवाओं में प्रबंधन कौशल और भावनात्मक बुद्धिमत्ता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संतुलित भावनात्मक नियंत्रण और चुनौतियों का प्रभावी प्रबंधन व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों से उबरने में सहायक होता है।
उप-प्राचार्य प्रो. सुरेन्द्र सिंह ने अपने विचार रखते हुए कहा कि स्वस्थ संवाद तथा मित्रों और परिवार के सदस्यों के साथ खुली बातचीत आत्महत्या जैसे विचारों को रोकने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है और यह अकेलेपन की भावना को कम करने में सहायक होती है। अन्य वक्ताओं ने ध्यान, सकारात्मक आत्मसंवाद, आत्मपहचान, समय पर प्रतिक्रिया तथा आवश्यकतानुसार परामर्शदाता या विशेषज्ञ से संपर्क की आवश्यकता पर बल दिया। इस व्याख्यान का उद्देश्य विद्यार्थियों और अध्यापकों को आत्महत्या के शुरुआती चेतावनी संकेतों के प्रति संवेदनशील बनाना और सहयोगी तंत्र को मज़बूत करना था। कार्यक्रम का समापन सभी की इस सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ हुआ कि समाज को और अधिक संवेदनशील, सहृदय एवं सहायक बनाने में सभी सक्रिय योगदान देंगे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. कुलदीप द्वारा किया गया तथा अंत में आभार प्रदर्शन प्रो. सोनिया ने किया। इस अवसर पर प्रो. रणबीर, प्रो. प्रदीप भारती, प्रो. रमेश एवं प्रो. रीना सहित अन्य संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे।









