इन्द्री विजय काम्बोज || शहीद उधम सिंह राजकीय महाविद्यालय के विधिक साक्षरता सेल ने “स्वीकार: न्याय और सम्मान (ट्रांसजेंडर अधिकार अभियान)”, 2025 के अवसर पर पोस्टर मेकिंग, पेंटिंग आदि प्रतियोगिता और क्रिएटिव शोकेस का आयोजन किया। यह आयोजन महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. महेंद्र सिंह बागी के मार्गदर्शन और नवीन कुमार, विधिक साक्षरता सेल के प्रभारी और प्रकोष्ठ सदस्य डॉ सुरेश कुमार व डॉ गीता देवी की देखरेख में आयोजित किया गया था। इस मौके पर महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ सुरेंद्र सिंह (दर्शन विभाग) व डॉ रणबीर सिंह (अर्थशास्त्र विभाग) मौजूद रहे, जिन्होंने प्रतिभागी छात्रों का प्रोत्साहन किया। आयोजन में लगभग महाविद्यालय के सभी संकायों के छात्रों ने भाग लिया, जिन्होंने “स्वीकार: न्याय और सम्मान (ट्रांसजेंडर अधिकार अभियान)” विषय पर अपनी रचनात्मक प्रस्तुति प्रदर्शन किया। यह प्रतियोगिता ट्रांसजेंडर अधिकार न्याय, समानता और विधिक सहायता की भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित की गई थी। छात्रों का मूल्यांकन डॉ राज कुमार सिसोदिया (इतिहास विभाग), डॉ प्रदीप कुमार (भूगोल विभाग) व डॉ भारती (संगीत विभाग) ने किया, जिसमे विजेता रहे छात्रों की सूची इस प्रकार से है- चांदनी (बी.कॉम. प्रथम वर्ष) – प्रथम स्थान, कृतिका (बी.एस. सी. द्वितीय वर्ष) -द्वितीय स्थान व अरमान (बी.ए. ऑनर्स द्वितीय वर्ष) – तृतीय स्थान पर रहे। प्रतिभागी छात्रा यशिका,(बी.कॉम. प्रथम वर्ष) को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विजेताओं को उनकी रचनात्मकता और ट्रांसजेंडर न्याय संबंधी विषयों की अंतर्दृष्टि पूर्ण व्याख्या के लिए सराहा गया। सभी प्रतिभागियों को प्राचार्य द्वारा उनकी सक्रिय भागीदारी और ट्रांसजेंडर विधिक अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता के लिए प्रोत्साहन दिया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नलसा / हलसा) के अभियान का हिस्सा था, जो छात्रों को कला और रचनात्मकता के माध्यम से ट्रांसजेंडर न्याय की अपनी समझ व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित करता है। कार्यक्रम का समापन ट्रांसजेंडर न्याय संबंधी संदेश के साथ हुआ, जिसमें युवाओं में विधिक साक्षरता के महत्व और समाज में समानता और न्याय को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका पर बल दिया गया।









