ग्रामीणों के साथ कल्याण ने सुना प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम

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करनाल। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने आज घरौंडा हलका के गांव अलीपुर खालसा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के 127 वें संस्करण को सुना। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह देश का सबसे अधिक देखा व सुना जाने वाला कार्यक्रम है। हर महीने इस कार्यक्रम से करोड़ों लोग जुड़ते हैं। उन्हें कार्यक्रम के माध्यम से देश को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। यह कार्यक्रम युवाओं में नई ऊर्जा का संचार करता है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण कार्य करने वाले लोगों को परिचित कराते हुए दूसरों को भी इनसे प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित करते हैं।

विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में छठ पूजा की महिमा, संस्कृत का महत्त्व, वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ, भारतीय कॉफी की विविधता, देशी कुत्तों की बहादुरी का जिक्र किया। युवाओं व नागरिकों को सामाजिक एकता, संस्कृति, पर्यावरण और देशभक्ति की सीख दी। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय संस्कृति में छठ का विशेष महत्व है। प्रधानमंत्री ने भी इस महापर्व का जिक्र करते हुए इसे सामाजिक एकता, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और संस्कृति के गहरे मूल्य का प्रतीक बताया। साथ ही कहा कि संस्कृति और परपंराएं लोगों को आपस में जोड़ती हैं। विज्ञान, कला और प्रकृति के प्रति हमारी संवेदनशीलता इस तरह के त्यौहारों में स्पष्ट झलकती है। त्यौहार सामाजिक दायित्व और देश प्रेम का अहसास कराते हैं।

विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने कहा कि प्रधानमंत्री ने संस्कृत के महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक ग्रंथों की भाषा ही नहीं रही है बल्कि एक समय यह संवाद की भाषा भी थी। गुलामी के कालखंड और आजादी के बाद कुछ सालों तक संस्कृत के प्रति लोगों का रुझान कम होता गया। लेकिन आज इसकी प्रासंगिकता बढ़ रही है। सोशल मीडिया पर युवा संस्कृत में संवाद करते दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम गीत को राष्ट्रभक्ति व मातृभूमि के प्रति कर्तव्य की भावना जगाने वाला बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि 7 नवंबर को इसके 150 साल पूरे होने जा रहे हैं। यह गीत भारतीयों के लिए भावनाओं का स्रोत तो है ही, साथ ही उन्हें एकजुटता और शक्ति भी प्रदान करता है। प्रधानमंत्री ने 31 अक्तूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित की जाने वाली रन फार यूनिटी का जिक्र किया। उन्होंने एक पेड़ मां के नाम अभियान का जिक्र करते हुए प्राकृतिक संतुलन के लिए इसे अनिवार्य करार दिया।

इस मौके पर जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन अशोक मित्तल के अलावा मेघराज शर्मा, विश्वास शर्मा, प्रदीप शर्मा, प्रेम शर्मा, नीतिन, बाबूराम, अशोक, दीपक शर्मा आदि मौजूद रहे।