पराली के उचित प्रबंधन के अलावा कोई विकल्प नहीं है मौजूद : डॉ विजय कौशिक
करनाल विजय काम्बोज । चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि विज्ञान केंद्र उचानी के वैज्ञानिक डॉ. विजय कौशिक खंड असंध के गाँव सालवान और पधाना में किसानों के मिलकर फसल अवशेष प्रबंधन के तहत पराली को मिट्टी में मिलाने के लिए कहा, उन्होंने बताया कि अगर किसान भाई किसी कारणवश पराली की मिट्टी में नहीं मिलाते हैं तो पराली के गटठे भी बनवाए जा सकते हैं इसके अलावा और कोई विकल्प मौजूद नहीं हैं । क्योंकि अबकी बार हमारी सरकार ने ये टारगेट बनाया हैं कि आगजनी की घटनाएं करनाल के अलावा हरियाणा में कहीं भी देखने को ना मिले । सभी किसान समझदारी की परिचय देते हुए पराली का उचित प्रबंधन ही करे ।
उन्होंने कहा की एक दो दिन की बारिश की वजह से जो धान की कटाई में विलंब हुवा हैं इस दौरान किसान भाई अपने क्षेत्र के बेलर से संपर्क करें या सुपर सीडर वाले से संपर्क करले ताकि धान की कटाई के बाद तुरंत पराली का प्रबंधन किया जा सके । आगजनी होने पर सरकार बहुत गंभीर है और जुर्माना राशि बढ़ाने के साथ साथ कठोर दंड का प्रावधान भी अबकी बार कर दिया गया है । सालवन और पधाना गाँव में फसल अवशेष प्रबंधन के प्रोग्राम में डॉ कौशिक ने ये बात कही । प्रोग्राम में सालवन ब्लॉक के एटीएम श्री रवि राणा तथा सरपंच भी मौजूद रहे।









