आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के निर्बाध संचालन के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 163 के तहत तत्काल प्रभाव से निर्देश जारी

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 करनाल|| जिलाधीश उत्तम सिंह ने जिला में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 163 के तहत तत्काल प्रभाव से निषेधाज्ञा जारी की है। यह आदेश कुछ श्रेणियों के चिकित्सा और पैरामेडिकल स्टाफ की चल रही हड़ताल के मद्देनजर संभावित विरोध प्रदर्शनों और सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा को रोकने के लिए जारी किया गया है।
जारी निर्देशों के अनुसार जिला में किसी भी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान जैसे सरकारी अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी, ट्रामा/आपातकालीन इकाइयों के 200 मीटर के दायरे में किसी भी व्यक्ति, समूह, संघ, या संगठन द्वारा धरना, प्रदर्शन, विरोध, धरने पर बैठना, टेंट लगाना, मार्च, सभा, नारेबाजी, स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच को अवरुद्ध करना, बाधित करना, विलंबित करना या हस्तक्षेप करना जैसी गतिविधियां पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं।
जारी निर्देश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ओपीडी, आईपीडी, आपातकाल, लेबर रूम, पोस्टमार्टम, एमएलसी, महत्वपूर्ण सर्जरी और अन्य आवश्यक नैदानिक और सहायक सेवाओं सहित सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी रुकावट के पूरी तरह से चालू रहें और रोगी देखभाल किसी भी विरोध-संबंधी व्यवधान से प्रभावित न हो।

कार्रवाई के निर्देश
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, करनाल, निरंतरता योजनाएं तैयार करके उन्हें क्रियान्वित करेंगे, जिसके लिए मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों, एनईआईएम, सेवानिवृत्त विशेषज्ञों, दंत सर्जनों, आयुष चिकित्सकों, आयुष्मान-सूचीबद्ध निजी अस्पताल के डॉक्टरों और अन्य प्रतिनियुक्त चिकित्सा अधिकारियों सहित सभी उपलब्ध चिकित्सा मानव शक्ति का उपयोग किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया गया है कि वे सभी प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करें।

इस आदेश का उल्लंघन करने पर दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश जन सुरक्षा, आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता और सार्वजनिक व्यवस्था के हित में जारी किया गया है। यह आदेश जारी होने की तारीख से पंद्रह दिनों तक लागू रहेगा।