राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सालवन में जेजे एक्ट और पोक्सो एक्ट को लेकर जागरूकता शिविर आयोजित

100
  असंध/करनाल|| राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सालवन में वीरवार को जेजे एक्ट और पॉक्सो एक्ट को लेकर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता बाल संरक्षण आयोग पंचकूला के सदस्य मांगे राम ने की। साथ ही सीडब्ल्यूसी के चेयरपर्सन चंद्रप्रकाश, जिला बाल संरक्षण अधिकारी रीना रानी व एडवोकेट विनोद भी इस मौके पर उपस्थित रहे। शिविर में बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के बारे में जानकारी दी गई और जेजे एक्ट और पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रधानाचार्य सुरेंद्र और शिक्षकों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।

बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में जागरूक रहना आवश्यक, गलत तरीके से छूने बारे तुरंत अपने माता-पिता या शिक्षकों को बताएं

शिविर में बाल संरक्षण आयोग पंचकूला के सदस्य मांगे राम ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है और हमें बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में भी जानकारी दी और कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति उन्हें गलत तरीके से छूता है तो वे तुरंत अपने माता-पिता या शिक्षकों को बताएं।

पॉक्सो एक्ट के दोषी को 3 से  7 साल तक की सजा का प्रावधान
सीडब्ल्यूसी के चेयरपर्सन चंद्रप्रकाश ने कहा कि सीडब्ल्यूसी द्वारा बच्चों के हित में निरंतर काम किया जा रहा है और हमें बच्चों के अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए। उन्होंने पोक्सो एक्ट के तहत होने वाली सजा के बारे में भी जानकारी दी और कहा कि इस एक्ट के तहत दोषी पाए जाने पर अपराधी को कम से कम 3 साल से लेकर 7 साल तक की सजा हो सकती है और कुछ मामलों में उम्रकैद भी हो सकती है।

 बाल विवाह एक गंभीर अपराध, दोषी पाए जाने पर 2 साल तक की सजा और जुर्माना
जिला बाल संरक्षण अधिकारी रीना रानी ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा बच्चों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं और हमें बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने बाल विवाह के बारे में भी जानकारी दी और कहा कि बाल विवाह एक गंभीर अपराध है और इसके लिए दोषी पाए जाने पर 2 साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह न केवल लड़कियों के अधिकारों का हनन है, बल्कि यह उनके भविष्य को भी खराब कर सकता है