इन्द्री विजय काम्बोज || डा. अंबेडकर एकता मंच इंद्री के तत्वाधान में अंबेडकर पार्क में संविधान दिवस पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई जिसमें संविधान निर्माता डा. भीमराव अंबेडकर के जीवन-संघर्ष व उनके योगदान पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भीमसेना समस्त भारत संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र मान ने की और उन्होंने सविधान की प्रस्तावना पढक़र सुनाई। मंच संचालन संदीप चौहान ने किया। मुख्य वक्ता के तौर पर रविदास जागृति मंच के प्रधान धनीराम ने शिरकत कर डा. अम्बेडकर की शिक्षाओं पर चलने का आहवान किया। कार्यक्रम में डा. ईस्म सिंह जास्ट, अशोक धानिया, डा. संजय ब्याना, प्रेमपाल सिंह चंदेल, सरपंच प्रतिनिधि जगीर सिंह, सरपंच प्रदीप चौहान, सरपंच सचिन आदि वक्ताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब अंबेडकर जी के चित्र पर पुष्प अर्पित करके की गई।
धनीराम ने कहा कि संविधान दिवस खंड स्तर पर मनाया गया और बाबा साहब के जीवन, संघर्ष व देशहित में योगदान पर चर्चा की गई। सरकार के प्रति भी समाज में आक्रोष पनप रहा है क्योंकि सरकार हमारे समाज को बांटने का काम कर रही है जिससे समाज को गहरी चोट पहुंची है। पहले दो अप्रैल को संगठन तैयार हुआ था, सरकार ने उसको तोड़ने की साजिश की है लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। हम संगठित हैं। समाज की लंबे समय से मांग है कि इस पार्क में डा. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाई जाए।
राजेंद्र मान ने कहा कि संविधान दिवस पर हलका के अनेक गांवों से लोग पहुंचे हैं और छह दिसंबर को खंड स्तर पर ब्याना गांव में डा. अंबेडकर का परिनिर्वाण दिवस पर बड़ा भी कार्यक्रम होने जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्यां में लोग पहुंचे। उन्होंने गोष्ठी में पहुंचे लोगों का आभार जताया।
डा. इस्म सिंह जास्ट ने कहा कि समाज बाबा साहेब का ऋणी रहेगा। हमें बहुत अधिकार दिए। समाज को ऊपर उठाने में बाबा साहेब का अह्म योगदान रहा है। हमारे समाज के प्रति पहले बहुत छुआछूत था, बाबा साहेब की बदौलत अब समाज आगे बढ़ रहा है, उनके बताये मार्ग पर चलना चाहिए और हको के लिए संघर्ष करना पड़ेगा
अशोक धनिया ने कहा कि समाज में नशा घुस चुका है, जोकि बड़ा दुख का विषय है। अपने बच्चो को सही से मार्गदर्शन करें। समाज में आये संकट के वक्त एक हो जाएं।
इस मौके पर अनिल धनौरा, हवा सिंह खेड़ा, अक्षय रसूलपुर, प्रेम प्रकाश, मनीष, अंकित गांधीनगर, सोहन लाल रजत मान कमालपुर, कपिल बीबीपुर जाटान, सतबीर मान, राजीव नन्हेंड़ा, अभिषेक अनिल पहलवान खेड़ा,मुकेश नन्दी खालसा, अमि, बलिंन्द,्र सलिंन्द,्र संटी कलरी जगीर व रविन्द्र भादसों सहित बड़ी संख्यां में महिलाएं मौजूद रही।









