जन सहभागिता मुहिम विषय पर ऑनलाइन बैठक आयोजित
करनाल|| ग्राम पंचायत विकास योजना तभी सफल हो सकती है जब प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। आगामी समय में आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं को सुचारू, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से संपन्न किया जाए ताकि विकास कार्यों में जनमानस की वास्तविक आवश्यकताओं को शामिल किया जा सके। यह बात हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने बेरी विकास खंड, जिला झज्जर की समस्त ग्राम पंचायतों के ग्राम सचिवों और सरपंचों के साथ ऑनलाइन बैठक को संबोधित करते हुए कही। ऑनलाइन बैठक का विषय जन सहभागिता मुहिम के अंतर्गत ग्राम पंचायत विकास योजना था।
डॉ. चौहान ने कहा कि स्थानीय विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक है कि ग्राम पंचायतें अपनी जरूरतों की सही प्राथमिकता तय करें। उन्होंने बताया कि डेटा-आधारित योजना, समयबद्ध क्रियान्वयन और नियमित मॉनिटरिंग से गांव का समग्र विकास सुनिश्चित हो सकता है। जब जन प्रतिनिधि और ग्रामवासी मिलकर कार्य करते हैं तो
जीपीडीपी ग्रामीण परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम बन जाता है।
उन्होंने कहा कि जीपीडीपी की ग्राम सभाएं गांव के विकास की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यही वह मंच है जहाँ ग्रामीण अपनी आवश्यकताओं, समस्याओं और प्राथमिकताओं को खुलकर साझा करते हैं। इसलिए ग्राम सभाओं का समय पर, पारदर्शी और सहभागितापूर्ण तरीके से आयोजन अनिवार्य है। ग्राम सभा में लिए गए निर्णय ही आगे ग्राम पंचायत विकास योजना का आधार बनते हैं।
डॉ. चौहान ने सभी सरपंचों, ग्राम सचिवों और संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया कि वे सुनिश्चित करें कि ग्राम सभा में अधिकतम ग्रामीण उपस्थित हों, सभी वर्गों की आवाज़ सुनी जाए और बैठक का संपूर्ण रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि जब ग्राम सभाएँ मजबूत होंगी, तभी GPDP प्रभावी और परिणामकारी साबित होगी।
इस ऑनलाइन कार्यक्रम में गुरबिंदर सिंह (सीनियर सलाहकार), राजाराम (बीडीपीओ बेरी) सहित समस्त ग्राम सचिव एवं सरपंच भी जुड़े।









