योग न केवल एक क्रिया है बल्कि योग जीवन जीने की एक कला है-प्रभारी सुनीता नरवाल

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गांव बयाना  में 15 दिवसीय सह योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर लगाया जा रहा है|                                                                                                                                       इन्द्री विजय काम्बोज ||महिला पतंजलि योग समिति की ओर से गांव बयाना  में 15 दिवसीय सह योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर  लगाया जा रहा है|  जिसमें काफी संख्या में महिलाएं हिस्सा लेकर के योग के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं|  वहीं पर इस कार्यक्रम में महिला पतंजलि योग समिति की जिला प्रभारी सुनीता नरवाल व  राजरानी ने पहुंचकर महिलाओं को योग के बारे में जानकारी दी|  उन्होंने बताया कि यह 15 दिवसीय सह योग शिक्षक शिविर  का आयोजन किया जा रहा है|  जिसमें महिलाएं बढ़-चढ़कर के हिस्सा ले रही हैं|  इस प्रशिक्षण के बाद हरिद्वार पतंजलि योगपीठ में बाबा रामदेव के सानिध्य में जो यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे|  उनको वहां पर विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वह भी घर-घर जाकर के इस योग की अलख  को जगा सके|  क्योंकि योग न केवल एक क्रिया है बल्कि योग जीवन जीने की एक कला है|  उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव जी ने जो बीड़ा उठाया है कि हम योग को घर-घर तक लेकर जाएंगे|  इस सिलसिले में इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन जगह पर किया जा रहा है|  ताकि योग से हर व्यक्ति जुड़े और अपने आप को वह स्वस्थ रख सके।
इस अवसर पर  जिला महामंत्री राजबाला  ने कहा कि योग हमारी प्राचीन पद्धति है इसको ऋषि मुनियों ने ईजाद किया था आज भारत में ही नहीं बल्कि पुरे विश्व में बाबा रामदेव ने इसकी अलख जगा दी है।  व्यक्ति का शरीर, व्यक्ति का मन, व्यक्ति का चित, व्यक्ति की चेतना का स्वरूप तो एक ही जैसा बना रहता है बाहर की परिस्थितियाँ बदलती रहती हैं और बदलती हुई परिस्थितियों के परिवेश में यदि देखा जाए योग को तो वो अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।  जो आज की प्रतियोगिताएं हैं, प्रतिस्पर्धाएं हैं, उन प्रतियोगिताओं और प्रतिस्पर्धाओं में जो व्यक्ति आगे बढ़ना चाहता है तो उसके लिए भी योग एक बहुत सशक्त माध्यम है जो कि आंतरिक ऊर्जा प्रदान करता है।   इंद्री तहसील प्रभारी नीलम काम्बोज ने योग साधको को बताया कि योग से मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।  योग से आत्मिक बल प्राप्त होता है और मन से चिंता, विरोधाभास एवं निराशा की भावना दूर हो जाती है।  मन को आत्मिक शांति एवं आराम मिलता है|  जिससे मन में प्रसन्नता एवं उत्साह का संचार होता है। इस अवसर पर पतंजलि योग समिति के तहसील प्रभारी  शिक्षक बलराज कंबोज, योग शिक्षक  सुशील कुमार, आयुष विभाग की योग शिक्षक सीमा रानी, रेशमा, बाला देवी, मीना देवी,  सत्य, कमल, रीना, बबली, प्रवेश रानी, राजबाला, शकुंतला, संतोष आदि योग साधक उपस्थित रही |