150 बकायादारों को नोटिस किए जारी, एक माह में भरें सम्पत्ति कर, अन्यथा होंगी अटैचमेंट कार्रवाई- उत्तम सिंह, उपायुक्त एवं नगर निगम आयुक्त।

1

बकाया सम्पत्ति कर वसूली को लेकर नगर निगम सख्त, 5 बार पहले कर चुका सीलिंग कार्रवाई।————————–

करनाल विजय काम्बोज || बकाया सम्पत्ति कर वसूली को लेकर नगर निगम करनाल लगातार नोटिस जारी करने का कार्य कर रहा है। इसे लेकर नवंबर माह में अब तक 150 बकायादारों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। सम्पत्ति कर भरने के लिए इन्हें 30 दिन का समय दिया गया है। यह जानकारी उपायुक्त एवं नगर निगम आयुक्त उत्तम सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि उपरोक्त सभी बकायादार निजी वाणिज्यिक सम्पत्तियां हैं, जिन पर 40 हजार रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक का बकाया है। बकायादारों को नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 87, 129 व 130 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। अगर यह नोटिस जारी करने के 30 दिनों के भीतर सम्पत्ति कर अदा नहीं करते, तो इनकी सम्पत्तियों को अटैचमेंट करने की कार्रवाई तुरंत प्रभाव से की जाएगी।
इन क्षेत्रों में वितरित किए नोटिस- उन्होंने बताया कि मोती नगर, जरनैली कॉलोनी, सेक्टर- 8 व 14, दयाल सिंह कॉलोनी व बुटा सिंह कॉलोनी इत्यादि क्षेत्रों में सम्पत्ति कर जमा करवाने के लिए बकायादारों को नोटिस जारी किए गए हैं। शेष बकायादारों की भी सूची तैयार कर ली गई है, उन्हें भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
5 बार की गई अटैचमेंट की कार्रवाई- उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा जून माह से अब तक 5 बार अटैचमेंट की कार्रवाई करते हुए बकायादारों की सम्पत्तियों को सील किया गया है। इसलिए बकायादार नगर निगम के नोटिस को हल्के में न लें। बकाया सम्पत्ति कर का भुगतान न करने पर सीलिंग की कार्रवाई अवश्य की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक कुल 550 नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जिसके बाद ज्यादातर बकायादारों द्वारा सम्पत्ति कर अदा किया जा चुका है।
बकायादार सम्पत्तियों के नाम होंगे सार्वजनिक- उन्होंने बताया कि जो बकायादार नगर निगम कार्यालय में जल्द से जल्द सम्पत्ति कर अदा नहीं करेगा, ऐसे बकायादारों की सम्पत्तियों के नाम समाचार पत्रों, नगर निगम के सोशल मीडिया अकाउंट व मुनादी के जरिए सार्वजनिक किए जा सकते हैं।
19.25 करोड़ रुपये हुए जमा- उन्होंने बताया कि नगर निगम कार्यालय में वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक करीब 19 करोड़ 25 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स व फायर टैक्स जमा हुआ है। इसमें 18 करोड़ 10 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स तथा 1 करोड़ 15 लाख रुपये फायर टैक्स है। चालू वित्त वर्ष की डिमांड राशि 27 करोड़ रुपये है, जिसे दिसंबर-जनवरी माह में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि वित्त वर्ष पूरा होने तक 30 करोड़ रुपये से अधिक राशि सम्पत्ति कर के रूप में जमा करवा ली जाएगी।