विश्व निमोनिया दिवस पर आयोजित किया गया कार्यक्रम : डा. मनीषा

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पिहोवा (यज्ञदत्त शास्त्री) उपमंडल नागरिक अस्पताल पिहोवा में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डा. मनीषा सिंह द्वारा सांस प्रोग्राम के सफल आयोजन के लिए मीटिंग ली गई। कार्यक्रम के सफल आयेाजन के लिए दिशा निर्देश दिए गए।
चिकित्सा अधिकारी डा. मनीषा सिंह ने कहा कि सर्दियों की दस्तक के साथ बच्चों में सांस की तकलीफ और निमोनिया के मामले बढऩे लगते हैं। विश्व निमोनिया दिवस के अवसर पर ’हर सांस मायने रखती है निमोनिया को उसके रास्ते में ही रोके’ सलोगन के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। उप मंडल नागरिक अस्पताल पिहोवा की ओपीडी में पिछले माह से रोजाना खांसी जुकाम के लक्षणों वाले बच्चे पहुंचे रहे हैं। इससे पहले गर्मी में रोजाना 5-7 ही निमोनिया लक्षण वाले मरीज होते थे। इससे निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग सांस अभियान भी चलाया जा रहा है। यह अभियान आज से ही पूरे प्रदेश में चलेगा।
उन्होंने कहा कि निमोनिया की समस्या 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों में ज्यादा होती है। देश में सभी 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु में लगभग 16 प्रतिशत मौतें निमोनिया से हो होती हैं। इस संदर्भ में यह विशेष अभियान फरवरी तक चलेगा। इस अभियान का लक्ष्य हर बच्चे की निगरानी हर मामले की रिपोर्टिंग और यह लक्षण वाले बच्चे का समय पर इलाज देना है। आशा कार्यरत और एनम घर-घर जाकर 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की जांच करेंगे। यदि किसी बच्चे में तेज बुखार,  लगातार खांसी, सांस फूलना या सीने का धंसना जैसे लक्षण दिखते हैं तो उसे तुरंत निजी स्वास्थ्य केंद्र पर रेफर किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि निमोनिया से बचाव का एक सबसे प्रभावी न्यूमोकॉकल कंजूगेट वैक्सीन पीवीसी टिका है। यह टीका बच्चों को तीन बार लगाया जाता है। पहली खुराक 6 हफ्ते पर, दूसरी 14 हफ्ते पर और तीसरी बूस्टर 9 महीने की उम्र मे दी जाती है। उन्होंने सभी माता-पिता से अपील भी की है कि वे बच्चों का समय पर टीकाकरण अवश्य करें ताकि उनका बचाव सुरक्षित रहे। रिपोट जिला स्तर पर एकत्रित की जाएगी ताकि किसी भी गंभीर मामले की निगरानी तुरंत हो सके। यह अभियान 12 नवंबर से 28 फरवरी चलेगा।