प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए नवीन परियोजनाओं पर जोर

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ग्राम पंचायतों की आत्मनिर्भरता पर केंद्रित रहा प्रशिक्षण का दूसरा दिन
नीलोखेड़ी
 राज्य पंचायत संसाधन केंद्र (एसपीआरसी) नीलोखेड़ी में चल रहे तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का दूसरा दिन 11 सितम्बर, गुरुवार को संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य विषय ग्राम पंचायतों द्वारा स्वयं के स्रोतों से राजस्व सृजन रहा।

दूसरे दिन की शुरुआत सतत विकास लक्ष्यों से जुड़ी चर्चाओं के साथ हुई, जिसमें पंचायतों की आय बढ़ाने के व्यावहारिक उपायों पर विचार साझा किए गए। इस दौरान प्रतिभागियों को नवीन परियोजनाओं के वित्तीय विकल्प और योजना के महत्व पर जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में परियोजना प्रबंधन कौशल को विस्तार से समझाया गया। इसके पांच चरण योजना समिति, बजट समिति, क्रियान्वयन समिति, निगरानी एवं पारदर्शिता समिति और स्थायित्व व सामुदायिक सहभागिता समिति की भूमिकाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही समूह गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को यह अभ्यास कराया गया कि किस प्रकार पंचायतें स्वयं अपने राजस्व स्रोत तैयार कर सकती हैं।

सत्र में प्रशिक्षकों ने यह बताया कि पंचायतें यदि अपनी वर्तमान स्थिति का व्यवस्थित मूल्यांकन करें तो वे नई संभावनाओं का लाभ उठाकर राजस्व सृजन में और मजबूत बन सकती हैं। साथ ही बताया गया कि पंचायतें अपनी ताकत और अवसरों को पहचानकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं। दिनभर चले सत्रों में सामूहिक चर्चा, प्रश्नोत्तर और अनुभव साझा करने का दौर भी चला। प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया और स्थानीय स्तर पर राजस्व सृजन को लेकर ठोस सुझाव प्रस्तुत किए।