इंटरनेशनल टीचर-वीक के तहत श्रीनगर में हुआ सम्मान समारोह
शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि संस्कार और चरित्र निर्माण करना भी है: चेयरमैन नरेश सेलपाड़
करनाल विजय कांबोज।। इंटरनेशनल टीचर वीक के अंतर्गत कश्मीरी परंपरा और आतिथ्य सत्कार के बीच श्रीनगर में आयोजित भव्य समारोह में कर्णनगरी करनाल के दो अध्यापकों को ग्लोबल रोल मॉडल अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें राह ग्रुप फाउंडेशन द्वारा प्रदान किया गया। इस आयोजन में देशभर से समाजसेवी, शिक्षक और विभिन्न क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राह ग्रुप फाउंडेशन के चेयरमैन नरेश सेलपाड़ ने सभी अवार्डियों को स्मृति चिन्ह और सम्मान पत्र भेंट किए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि संस्कार और चरित्र निर्माण करना भी है। शिक्षक ही वह शक्ति हैं जो इस उद्देश्य को साकार करते हैं। वे विद्यार्थियों को ज्ञान देने के साथ सेवा और जिम्मेदारी का भाव भी सिखाते हैं। शिक्षा का महत्व तभी सार्थक है जब उसमें शिक्षक की प्रेरणा जुड़ी हो।” करनाल के दोनों शिक्षकों को मिला यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान की पहचान है, बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है। डॉ. ऋषि पारासर और जितेन्द्र शर्मा जैसे अध्यापक ही शिक्षा को ज्ञान, सेवा और नवाचार से जोड़कर समाज को नई दिशा देते हैं। इंटरनेशनल टीचर डे पर दिया गया यह ग्लोबल रोल मॉडल अवार्ड आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
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डॉ. ऋषि पारासर : शिक्षा और शोध का अनोखा संगम
करनाल के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, इन्द्री में रसायन विज्ञान प्रवक्ता डॉ. ऋषि पारासर पिछले 15 वर्षों से शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। उनका झुकाव सदैव उन छात्रों की ओर रहा है जो पढ़ाई में पिछड़ जाते हैं। उनके मार्गदर्शन से अनेक विद्यार्थी आज प्रतिष्ठित पदों पर कार्यरत हैं। राह संस्था वाइस चेयरमैन रामनिवास वर्मा के अनुसार डॉ. पारासर शिक्षा और शोध दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं। वे आठ विषयों में स्नातकोत्तर, दो विषयों में एनईटी उत्तीर्ण और कानून से शोध कार्य कर चुके हैं। वे सरकार की कई शैक्षिक योजनाओं में मास्टर ट्रेनर रहे हैं और विज्ञान कार्यशालाओं में सक्रिय भागीदारी निभाते रहे हैं। इसके अलावा वे इको क्लब, विज्ञान क्लब, रेडक्रॉस, स्काउट, हेल्थ क्लब और एनएसएस जैसी गतिविधियों से जुड़े हैं। विद्यार्थियों के लिए उन्होंने कई किताबें लिखी हैं और वैज्ञानिक यात्राओं के जरिए शिक्षा को प्रयोगात्मक और रोचक बनाने का अनूठा प्रयास किया है।
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जितेन्द्र शर्मा : गणित को सरल और प्रेरणादायी बनाया
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अरड़ाना में गणित प्रवक्ता जितेन्द्र शर्मा भी पिछले 15 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं। कठिन गणितीय सिद्धांतों को सरल और सहज भाषा में समझाने की उनकी शैली छात्रों के बीच बेहद लोकप्रिय है। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने न केवल अच्छे शैक्षणिक परिणाम हासिल किए हैं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता प्राप्त की है। वे आईएमओ इको क्लब, हेल्प क्लब, गणित क्लब और स्काउट गतिविधियों से सक्रिय रूप से जुड़े हैं। इन माध्यमों से वे बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुशासन, सेवा और नेतृत्व की भावना विकसित कर रहे हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों के लिए उनका योगदान विशेष महत्व रखता है। उन्होंने संसाधनों की कमी से जूझ रहे छात्रों को न केवल शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराए बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सफल भी बनाया।
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समारोह का फोकस – रोल मॉडल, न कि वीआईपी
राह ग्रुप फाउंडेशन के चेयरमैन नरेश सेलपाड़ ने बताया कि इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि मंच पर मुख्य आकर्षण कोई वीआईपी नहीं, बल्कि रोल मॉडल अवार्ड पाने वाले शिक्षक रहे। प्रत्येक अवार्डी को अपनी जीवन यात्रा और संघर्ष की कहानी साझा करने का अवसर दिया गया, जिससे यह कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित न रहकर प्रेरणादायी संवाद का माध्यम बन गया।
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अवार्ड के साथ मिला कश्मीर भ्रमण का अवसर
समारोह में शामिल प्रतिभागियों को श्रीनगर की प्राकृतिक सुंदरता से भी रूबरू कराया गया। उन्हें डल झील, निशात बाग, शालीमार बाग, चश्मा शाही, शंकराचार्य मंदिर, वुलर झील, दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान, गुलमर्ग और पहलगाम जैसे प्रमुख स्थलों का भ्रमण करवाया गया।









