सफलता के शिख्रर पर पहुंचने के बाद भी परिवार सर्वोच्च हो: डा. स्वति रावल

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गांव के खलिहान से निकलकर मल्टीस्पेशिलिटी अस्पताल के प्रमुख बनने का सफर किया तय
पिता को पेरालाइसिस बना जीवन कार टर्निंग प्वाइंट  और बनी एमडी डाक्टर
परिवार को सर्वोच्च प्राथमिकता देती हैं डा. रावल
कल्पना चावला मैडीकल कालेज में लोकप्रिय मैंटर रहीं
पिता और पति को देती हैं सफलता का श्रेय
करनाल विजय काम्बोज|| देश भर में महिलाएं नई बुलंदियों को छूु रही है। लेकिन इन महिलाओं में कहुत कम ऐसी हैं जो परिवार को अपनी पहली प्राथमिकता मानती हैं। इन्ही महिलाओं में से एक हैं डा. रावल अस्पताल की एमएस तथा एमडी डा. स्वाति रावल। जिनका जीवन संकल्प से ले कर सिद्धि तक की यात्रा का उदाहरण हैं उत्तराखंड के रुउक़ी के मोडाना गांव से साधारण किसान परिवार सं संबंध रखने वाली स्वाति की प्रेरणा उनके पिता बने। जिनको जब पेरालाइसिस अटैक ने उनके डाक्टर बनने के सकल्प को मजबूती प्रदान की। उन्होंने महाराष्ट्र के सेवाग्राम से एमबीबीएस और एमडी की। उसके बाद उन्होंने कल्पना चावला मैडीकल कालेज में अध्यापन किया। आज वह मल्टी स्पेशिटी अस्पताल के डाक्टरों कर्मचारियों को लीड कर रही हैं। उन्होंने महिला दिवस की पूर्व संध्या पर बातचीत करते हुए कहा कि महिला  कितनी भी बुलंदी पर पहुंच जाए लेकिन परिवार से अलग नहीं हो सकती हैं। महिलाओं के लिए उनके लिए पहली प्राथमिकता खुद को समय और परिवार के प्रति समर्पण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके लिए उनका परिवार सबसे पहले हैं। वह व्यस्त जीवन में से से अपने पति और बच्चों के लिए पूरा समय देती हैं। वह बच्चों और पति के लिए निर्धारित समय के साथ समझौता नहीं करती हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने डाक्टर के रूप में करियर बनाने का निर्णय आम लोगों तक बेहतर स्वासथ्य सेवाएं पहुंचाना रहा। उन्होंने बताया कि वह हिंदी माध्यम से थी। उनके सामने मैडीकल प्रोफेशनल की  लाइफ  स्टाइल को अपनाना एक चुनौति थी। उन्होंने संस्कारों से कोई समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को मोबाइल की आभासी दुनिया से दूर रह कर परिवार के साथ समय बिताना चाहिए। परिवार के सभी लोगों को आपस में बैठ कर चर्चा करना चाहिए। परिवार से कोई बात नहीं छिपाना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को मैडीटेशन और योग करना चाहिए। वहीं पर महिलाएं पौष्टिक आहार लें। खुद की सेहत को प्राथमिकता देना चाहिए। उन्होंने कहा कि डिप्रेशन और एनेग्जाइटी दूर करने का सबसे बेहतर उपाय अपने बच्चों को राजदार बनाना तथा बच्चों को अपने मातापिता को राजदार बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला दिवस पर सभी महिलाएं परिवार को प्राथमिकता देने का संकल्प लें।